Uttarakhand: 70 करोड़ के बैंक लोन घोटाले का खुलासा…फैक्ट्री से मशीनरी गायब, डायरेक्टरों पर FIR

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रुद्रपुर। जिले में बड़े बैंक ऋण घोटाले का मामला सामने आया है, जहां करोड़ों रुपये का लोन लेने के बाद उद्यमियों ने न केवल किस्तें नहीं चुकाईं, बल्कि कार्रवाई शुरू होने से पहले ही फैक्ट्री से अहम मशीनरी और सामान भी गायब कर दिया। मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

शिकायतकर्ता नैनीताल बैंक लिमिटेड की सिविल लाइंस शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अपूर्व पांडेय ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि मैसर्स रुद्रा ऑटो टेक इंजीनियरिंग प्रा. लि. (सिडकुल पंतनगर) के डायरेक्टरों ने वर्ष 2016 में प्लांट और मशीनरी खरीदने के लिए विभिन्न ऋण खातों और कैश क्रेडिट/टर्म लोन के जरिए करीब 70 करोड़ 8 लाख रुपये का लोन लिया था।

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आरोप है कि ऋण लेने के बाद खाताधारकों ने किस्तों का नियमित भुगतान नहीं किया, जिसके चलते 23 जनवरी 2019 को खाता एनपीए घोषित कर दिया गया। इसके बाद बैंक ने SARFAESI Act के तहत वसूली की कार्रवाई शुरू की।

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बैंक को 7 नवंबर 2023 को जिलाधिकारी से प्लांट और मशीनरी पर भौतिक कब्जा लेने की अनुमति भी मिल गई थी। इसके अलावा National Company Law Tribunal, इलाहाबाद का फैसला भी बैंक के पक्ष में आया था।

हालांकि, 11 जून 2024 को जब बैंक टीम कब्जा लेने मौके पर पहुंची, तो फैक्ट्री से अधिकांश मशीनें और जरूरी उपकरण गायब मिले। बैंक का आरोप है कि बंधक रखी गई संपत्ति को बिना अनुमति बेच दिया गया, जो अमानत में खयानत का गंभीर मामला है।

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बैंक ने इस संबंध में पहले भी पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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