देहरादून। उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के 50 स्कूलों को ‘स्विफ्ट मॉडल’ स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग और कॉन्वजीनियस फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल के तहत चयनित स्कूलों में अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। साथ ही, एमेजन वेब सर्विस के सहयोग से छात्र-छात्राओं को एक हजार लैपटॉप भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे डिजिटल शिक्षा को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि ‘स्विफ्ट स्कूल’ एक एकीकृत विद्यालय परिवर्तन मॉडल है, जिसमें व्यक्तिगत शिक्षण प्रणाली, कक्षाओं में आधुनिक तकनीक का उपयोग, शिक्षकों को डेटा आधारित सहयोग और डिजिटल संसाधनों का समावेश किया जाएगा। इस मॉडल के तहत शिक्षक तकनीक की मदद से छात्रों की सीखने में आने वाली कमियों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सहायता प्रदान कर सकेंगे।
डॉ. रावत ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पौड़ी और चम्पावत जिलों के 19-19 स्कूलों को चयनित किया गया है, जबकि देहरादून और हरिद्वार के छह-छह विद्यालयों को भी इस मॉडल में विकसित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार होगा और छात्रों को आधुनिक समय के अनुरूप बेहतर सीखने का अवसर मिलेगा। यह योजना राज्य में डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने और विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
