हेमंत गौनिया की शिकायत पर सीईओ ने बीईओ भीमताल को सौंपी जांच, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल…शिकायतकर्ता बोला- ‘क्या बड़े हादसे का इंतजार?’
नैनीताल। भीमताल क्षेत्र के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखलढुंगा में भारी बारिश के बाद टूटी सुरक्षा दीवार और विद्यालय भवन पर मंडरा रहे खतरे ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 20 जुलाई 2026 की रात हुई भारी बारिश में विद्यालय के खेल मैदान की सुरक्षा दीवार ढह गई थी। दीवार का मलबा विद्यालय भवन तक पहुंचने के बाद जर्जर कक्षों और विज्ञान प्रयोगशाला की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मामले को लेकर समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया ने 21 जुलाई को जिलाधिकारी नैनीताल को शिकायत भेजकर विद्यालय की स्थिति से अवगत कराया था। शिकायत में उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल स्थलीय निरीक्षण और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की थी।
बारिश में ढही सुरक्षा दीवार, भवन तक पहुंचा मलबा
शिकायत के अनुसार विद्यालय के खेल मैदान की सुरक्षा दीवार भारी बारिश के दौरान पूरी तरह ढह गई। दीवार टूटने के बाद मलबा विद्यालय भवन तक पहुंच गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि विद्यालय के नीचे स्थित भवन पहले से ही जर्जर स्थिति में है, जबकि ऊपर बने कमरों में विज्ञान प्रयोगशाला संचालित होती है।
ऐसे में सुरक्षा दीवार के टूटने के बाद विद्यालय परिसर में पढ़ने वाले बच्चों और वहां कार्यरत शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। बारिश के मौसम में दोबारा भारी बारिश होने पर स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई गई है।
पुरानी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप
हेमंत सिंह गौनिया की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि विद्यालय की समस्याओं को लेकर पूर्व में भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत में खेल मैदान और इंटरलॉकिंग टाइल्स को हुए नुकसान का भी उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा विद्यालय में पूर्व में करीब पांच लाख रुपये की धनराशि से कराए गए विकास कार्यों का भी जिक्र करते हुए निर्माण कार्यों की स्थिति और गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने विद्यालय में रिटेनिंग वॉल, उचित ड्रेनेज व्यवस्था, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए तत्काल इंतजाम किए जाने की मांग की।
डीएम के संदर्भ के बाद सीईओ ने सौंपी जांच
मामला जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल कार्यालय ने 5 अगस्त 2026 को खंड शिक्षा अधिकारी, भीमताल को जांच के निर्देश जारी किए। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरएस नेगी की ओर से जारी पत्र में शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की स्थलीय जांच करने को कहा गया है।
जांच अधिकारी को विद्यालय की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और बारिश से हुई क्षति का आकलन करते हुए स्पष्ट और तथ्यात्मक आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी नैनीताल, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखलढुंगा के प्रधानाचार्य और शिकायतकर्ता हेमंत सिंह गौनिया को भी भेजी गई है।
जांच के आदेश के बावजूद मौके पर निरीक्षण नहीं होने का आरोप
शिकायतकर्ता हेमंत सिंह गौनिया का कहना है कि शिकायत के बाद शिक्षा विभाग की ओर से जांच के आदेश तो जारी कर दिए गए, लेकिन अब तक संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण नहीं कर पाए हैं।
उनका कहना है कि मामला केवल किसी भवन या दीवार की मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जांच में देरी को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं।
बड़ा सवाल- हादसे के बाद जागेगा विभाग या पहले होगी कार्रवाई?
बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन और निर्माण ढहने का खतरा बना रहता है। ऐसे में विद्यालय परिसर में सुरक्षा दीवार ढहने और जर्जर भवन के आसपास मलबा पहुंचने के बाद तत्काल सुरक्षा उपायों की जरूरत है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जांच के आदेश जारी होने के बावजूद स्थलीय निरीक्षण में देरी क्यों हो रही है? क्या विभाग किसी संभावित हादसे का इंतजार कर रहा है या फिर समय रहते विद्यालय परिसर को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
