
हल्द्वानी। वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और बेहतर जीवन के लिए संवेदनशील पहल करते हुए श्री आनंद आश्रम वृद्धाश्रम में निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा परामर्श शिविर आयोजित किया गया। विश्वप्रसिद्ध ब्रैकियल प्लेक्सस सर्जन ब्रिगेडियर डॉ. पी.एस. भंडारी की पहल पर आयोजित शिविर में वृद्धाश्रम में रह रहे 23 से अधिक बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान बुजुर्गों की रक्त एवं पेशाब की जांच निशुल्क कराई गई और चिकित्सकीय परामर्श के बाद जरूरत के अनुसार दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।
शिविर के दौरान ब्रिगेडियर डॉ. पी.एस. भंडारी ने वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया और वहां रह रहे महिला एवं पुरुष वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की। उन्होंने बुजुर्गों का हालचाल जाना और उनकी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। कई बुजुर्गों की उम्र 80 वर्ष से अधिक होने के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरती गई।
स्वास्थ्य जांच के दौरान चिकित्सकों ने बुजुर्गों की विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को सुना और उनकी स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। शिविर का उद्देश्य बुजुर्गों को उनके आश्रम में ही समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
इस मौके पर डॉ. पी.एस. भंडारी ने बाबा नीम करौली वरिष्ठ नागरिक गृह में बुजुर्गों के लिए उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की भी सराहना की। उन्होंने संस्था की अध्यक्ष कनक चंद के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था की ओर से बुजुर्गों के लिए डॉक्टर, नर्स, दवाइयों और अस्पताल जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की अच्छी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सेवा केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का परिचायक भी है।
संस्था अध्यक्ष कनक चंद ने शिविर के आयोजन और बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच के लिए डॉ. भंडारी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस तरह के शिविरों का आयोजन बुजुर्गों के लिए काफी उपयोगी साबित होता है।
निशुल्क स्वास्थ्य शिविर ने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ अपनत्व और सम्मान का अहसास भी कराया। शिविर में चिकित्सकीय जांच के साथ बुजुर्गों की समस्याओं को जिस आत्मीयता से सुना गया, उससे उनमें भी उत्साह और विश्वास नजर आया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि उम्र के इस पड़ाव पर वरिष्ठ नागरिकों को दवा और उपचार के साथ सम्मान, संवेदना और अपनत्व की भी उतनी ही जरूरत है।
