‘ईरान का तेल लेंगे, जरूरत पड़ी तो खर्ग द्वीप पर कब्जा’, ट्रंप के बयान पर मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

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वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक राजनीति और तेल बाजारों में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है।

Financial Times को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास कई सैन्य विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “शायद हम खर्ग द्वीप ले लें, शायद नहीं… हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं।” यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां पहले ही तेज हो चुकी हैं।

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खर्ग द्वीप ईरान का सबसे अहम तेल निर्यात केंद्र है, जहां से देश का अधिकांश कच्चा तेल दुनिया भर में भेजा जाता है। ऐसे में इस द्वीप पर किसी भी कार्रवाई का सीधा असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर दावा किया कि अमेरिकी सशस्त्र बलों ने कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने सेना की सराहना करते हुए इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना बताया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा चुका है और करीब 10,000 सैनिकों की तैनाती की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खर्ग द्वीप पर हमला होता है, तो यह संघर्ष और ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

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तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के जरिए ईरान से अप्रत्यक्ष बातचीत हो रही है और 6 अप्रैल तक समझौते का समय दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला कर सकता है।

इस पूरे संकट का असर तेल बाजार पर भी दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

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पश्चिम एशिया में बढ़ता यह तनाव अब कई देशों को अपनी चपेट में ले रहा है। ईरान और इज़राइल के बीच टकराव के बीच सऊदी अरब स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर हमला हुआ है, जबकि हूती विद्रोही भी सक्रिय हो गए हैं।

कुल मिलाकर, हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं और अगर जल्द कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।

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