“फोन घुमाओ, माल छुड़ाओ!”…कुमाऊं में टैक्स चोरी का सिंडिकेट बेखौफ, विभागीय मिलीभगत पर बड़े सवाल

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हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा और काशीपुर में टैक्स चोरी अब संगठित सिंडिकेट का रूप ले चुकी है। हालात यह हैं कि करोड़ों के राजस्व पर रोजाना चोट पड़ रही है और जिम्मेदार विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में नजर आ रही है।

सूत्रों के अनुसार, टैक्स चोरी में लिप्त बड़े कारोबारी राज्य कर विभाग के कुछ कथित अधिकारियों और फील्ड स्टाफ से सीधे संपर्क में रहते हैं। जैसे ही चेकिंग के दौरान कोई वाहन पकड़ा जाता है, कुछ ही देर में “ऊपर से फोन” पहुंच जाता है और कार्रवाई ठंडी पड़ जाती है। नतीजा पकड़ा गया माल भी आसानी से छोड़ दिया जाता है।

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बाहरी राज्यों से आने वाला माल बिना वैध दस्तावेजों के ढोया जा रहा है। न बिल, न ई-वे बिल—सिर्फ एक भाड़ा पर्ची पर लाखों-करोड़ों का सामान पहुंच रहा है। परचून, कपड़ा, जूते, कॉस्मेटिक, गुटका, स्क्रैप और निर्माण सामग्री तक, लगभग हर सेक्टर इस खेल की चपेट में है।

इस पूरे नेटवर्क के लिए अलग-अलग स्थानों पर गोदाम बनाए गए हैं, जहां चोरी का माल उतारा जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन ठिकानों की जानकारी भी संबंधित विभाग के कुछ अधिकारियों को होने की बात सामने आ रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही।

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लंबे समय से एक ही जगह जमे कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यही लोग इस पूरे खेल को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे टैक्स चोरी का यह नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है।

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इस संगठित खेल से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, वहीं ईमानदार सिस्टम की साख भी प्रभावित हो रही है। अब मामला खुलकर सामने आने लगा है और सामाजिक संगठनों ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि शिकायत उत्तराखंड लोकभवन और मुख्य सचिव उत्तराखंड कार्यालय तक पहुंच चुकी है।

अब देखना यह है कि इस पूरे नेटवर्क पर कब तक निर्णायक कार्रवाई होती है या फिर “सेटिंग” का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

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