सिलाई बैंड हादसा: सड़क बहने और बारिश के चलते बचाव कार्य बाधित, सात मजदूर अब भी लापता

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जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की, सर्च ऑपरेशन तेज करने के निर्देश

उत्तरकाशी। सिलाई बैंड के समीप सड़क हादसे के तीसरे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। लगातार बारिश और मलबा गिरने के कारण बचाव कार्यों में बाधा आ रही है। शनिवार देर रात हुई इस घटना में जहां सड़क पूरी तरह बह गई, वहीं अब भी सात मजदूर लापता हैं, जिनकी तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें जुटी हैं।

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जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सोमवार को घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी सर्च व रेस्क्यू टीमों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही एनएच विभाग को सिलाई बैंड तक यातायात जल्द सुचारू करने को कहा गया है।

इसी दौरान स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी पर बन रही झील के पानी की निकासी को लेकर सिंचाई विभाग को भी त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

अब तक का घटनाक्रम:

  • घटना में कुल 29 मजदूर प्रभावित हुए, जिनमें से 20 को सुरक्षित निकाला गया,
  • दो मजदूरों की मौत की पुष्टि,
  • 7 मजदूर अब भी लापता, जिनकी तलाश जारी है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि लापता व्यक्तियों की खोज में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी, और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बारिश के चलते कार्यों में बाधा आ रही है, लेकिन इसके बावजूद सिलाई बैंड तक वाहनों की आवाजाही बहाल करने का प्रयास जारी है।

ओजरी क्षेत्र में भी हालात गंभीर

वहीं दूसरी ओर ओजरी के समीप सड़क बहने से गीठ पट्टी के कई गांव दूसरे दिन भी मुख्यालय से कटे हुए हैं। जिलाधिकारी ने आईटीबीपी और वन विभाग को वैकल्पिक पैदल मार्ग के निर्माण के निर्देश दिए हैं ताकि आपात स्थिति में लोगों का आवागमन सुरक्षित रूप से जारी रह सके।

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मौके पर मौजूद रहे अधिकारी:

एसपी सरिता डोबाल, एसडीएम बृजेश तिवारी, ईई एनएच मनोज कुमार रावत, ईई यूपीसीएल धर्मवीर सिंह, ईई सिंचाई पन्नी लाल बंगारी, समन्वयक आपदा जय पंवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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