रुद्रपुर बना टैक्स चोरी का अड्डा!… ना बिल्टी-ना बिल, सादे कागज पर चल रहा खेल

प्रतीकात्मक फोटो
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रुद्रपुर। उत्तराखंड में टैक्स चोरी का खेल अपने चरम पर है। सरकार टैक्स चोरी पर लगाम कसने के चाहे लाख दावे करे, लेकिन हकीकत यह है कि राज्य कर विभाग के कुछ अधिकारी ही टैक्स चोरों की ढाल बने बैठे हैं। इन्हीं की शह पर टैक्स चोरी का खेल दिन-दहाड़े धड़ल्ले से चल रहा है और सरकार का खजाना बेहिसाब लुट रहा है।

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ऊधमसिंह नगर का रुद्रपुर शहर टैक्स चोरी के माल की आपूर्ति का सबसे बड़ा गढ़ माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश से लगी सीमाओं का फायदा उठाकर प्रतिदिन सैकड़ों बड़े वाहन टैक्स चोरी का माल लेकर यहां आसानी से दाखिल हो जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इसमें शामिल ट्रांसपोर्टर बिना बिल और बिना बिल्टी के केवल सादे कागज (जिसमें सिर्फ भाड़ा (किराया) लिखा होता है, जो संबंधित माल के स्वामी से वसूला जाता है) पर टैक्स चोरी का माल अपने गोदामों में उतरवाते हैं। इसके बाद यही माल रुद्रपुर, हल्द्वानी और अन्य शहरों के कारोबारियों तक सप्लाई किया जाता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी का माल राज्य कर विभाग की आंखों से कैसे बच जाता है?

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सूत्रों का दावा है कि यह सब विभाग के ही एक प्रभावशाली अधिकारी की खुली शह पर चल रहा है। इस अधिकारी की टैक्स चोर कारोबारियों के साथ गहरी सांठगांठ है। यहां तक कि उसके रसूख इतने मजबूत हैं कि वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर कुछ सत्तारूढ़ राजनीतिक नेताओं तक से गहरे संबंध बनाए बैठा है।

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टैक्स चोरी के इस गोरखधंधे से न सिर्फ सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है, बल्कि ईमानदार कारोबारी भी सीधी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली योजनाओं और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है।

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