रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को फिर दिया RPI में आने का न्योता, बोले- युवाओं की जरूरत

खबर शेयर करें

नागपुर। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रमुख रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक बार फिर अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है। आठवले ने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए युवाओं की जरूरत है और दीपके उनके साथ आते हैं तो उनका खुले दिल से स्वागत किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपके की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।

यह भी पढ़ें 👉  बागेश्वर धाम जन सेवा समिति को एफसीआरए मंजूरी, अब विदेश से फंड लेने का रास्ता साफ

नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आठवले ने कहा कि अभिजीत दीपके भी आंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए ऊर्जावान युवाओं की आवश्यकता है। उनके मुताबिक, दीपके का पार्टी से जुड़ना राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से उपयोगी हो सकता है।

अगस्त से दे रहे हैं पार्टी में शामिल होने का न्योता

रामदास आठवले इससे पहले भी दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने की पेशकश कर चुके हैं। अगस्त में उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनसे आरपीआई में आने की अपील की थी। आठवले का कहना था कि बाबासाहेब आंबेडकर के सपनों को साकार करने के लिए युवाओं को उनके साथ आना चाहिए। इसके बाद भी वह कई मौकों पर दीपके को पार्टी में शामिल होने का न्योता देते रहे हैं और उन्हें अपने समाज का अभिन्न हिस्सा बताते रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  अमेरिका में 43 करोड़ रुपये में ‘गोल्ड कार्ड’, डोनाल्ड ट्रंप ने लॉन्च किया EB-5 वीजा का नया पोर्टल

प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भी दी थी नसीहत

पार्टी में शामिल होने का न्योता देने के साथ ही आठवले सीजेपी और उसके समर्थकों की भाषा पर आपत्ति भी जता चुके हैं। इसी महीने की शुरुआत में उन्होंने अभिजीत दीपके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अनुचित और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल नहीं करने की नसीहत दी थी।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से निपटने के बताए उपाय, विशेषज्ञ से परामर्श लेने की दी सलाह

फिलहाल दीपके की ओर से आठवले के ताजा प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना होगा कि वह आरपीआई के साथ जुड़ने का प्रस्ताव स्वीकार करते हैं या अपनी स्वतंत्र राजनीतिक राह पर आगे बढ़ते हैं।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page