हल्द्वानी। विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें तनाव से निपटने के प्रभावी उपायों की जानकारी देने के उद्देश्य से शुक्रवार को दोगड़ा राजकीय इंटर कॉलेज, भुजियाघाट में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन और मानसिक समस्याओं के शुरुआती लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
परीक्षा का दबाव और तनाव नजरअंदाज न करें विद्यार्थी
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. मनोज कांडपाल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न हिस्सा है। विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षा के दबाव और अन्य कारणों से होने वाले मानसिक तनाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मन में चल रही परेशानियों को अभिभावकों, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति के साथ साझा करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने नियमित दिनचर्या अपनाने, पर्याप्त नींद लेने, संतुलित आहार ग्रहण करने तथा योग, ध्यान और शारीरिक गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली मानसिक संतुलन बनाए रखने और तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उदासी, चिंता और व्यवहार में बदलाव हों तो लें विशेषज्ञ की सलाह
डॉ. कांडपाल ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के शुरुआती संकेतों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उदासी, अत्यधिक चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद में परेशानी अथवा व्यवहार में असामान्य बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं हैं। समय पर सहायता, उचित परामर्श और उपचार से इन समस्याओं से निपटने में मदद मिल सकती है। ऐसे में विद्यार्थियों को बिना किसी झिझक के अपनी परेशानियों के बारे में बात करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर सहायता लेनी चाहिए।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने लिया भाग
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े प्रश्न पूछे गए। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी रोचक तरीके से समझने और अपनी जागरूकता को परखने का अवसर मिला।
बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें अभिभावक और शिक्षक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें, उनके साथ संवेदनशील व्यवहार करें और उन्हें अपनी बात खुलकर रखने के लिए प्रोत्साहित करें।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहिए, ताकि उनकी मानसिक परेशानियों की समय रहते पहचान कर उचित सहायता दी जा सके।
टेली-मानस हेल्पलाइन पर मिलेगी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर परामर्श और सहायता प्राप्त करने के लिए भारत सरकार की टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर संपर्क किया जा सकता है।

