तेल अवीव। आसमान में मंडराते खतरे के बीच अदम्य साहस और पेशेवर सूझबूझ का परिचय देने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल सम्मानित करेगा। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने उन्हें ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ देने की घोषणा की है। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में विमान पर कब्जे की कथित कोशिश के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने जिस तरह हालात का सामना किया, उसे राष्ट्रपति ने बड़ी त्रासदी टालने में अहम बताया है।
राष्ट्रपति हर्जोग ने आठ अक्टूबर 2026 को छह इजरायली नागरिकों को बहादुरी के लिए सम्मानित करने की घोषणा के साथ भारतीय पायलट के साहस को भी सराहा। उन्होंने कहा कि स्मित मच्छार की पेशेवर क्षमता और सूझबूझ ने संकट के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रपति ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि सेहत में सुधार होने पर वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से सम्मान प्रदान करेंगे।
कॉकपिट में हमले से मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। इसी दौरान कथित तौर पर विमान के को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया और विमान पर कब्जा करने की कोशिश की। अचानक पैदा हुए इस संकट ने विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में डाल दी।
बताया गया कि आपात स्थिति के दौरान विमान कुछ ही समय में करीब 16 हजार फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी। वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद छह यात्री अंदर पहुंचे और कथित हमलावर को काबू करने में मदद की।
तबुक में कराई गई आपात लैंडिंग
संकट के बीच विमान में मौजूद दो ऐसे पायलट, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे, उन्होंने विमान का नियंत्रण संभाला। इसके बाद विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। इस तरह संभावित बड़े हादसे को टालने में विमान के चालक दल और यात्रियों की भूमिका अहम रही।
हमले के बाद शुरू हुआ था विशेष सम्मान
इजरायल का ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ सात अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य उन नागरिकों के साहस को सम्मान देना है, जो खतरनाक परिस्थितियों में दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी सुरक्षा तक दांव पर लगा देते हैं।
इस घटना में साहस दिखाने वाले छह इजरायली नागरिकों—ज्विका और ताली मानेस, यानीव हायुन, डॉ. शोता मुसायेव, असाफ राजुआन और ओर पारदिलोव—को भी सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

