ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ट्रंप की टिप्पणी से मचा बवाल, लॉस एंजिल्स और सैन डिएगो को लेकर बढ़ी चिंता

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वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब अमेरिकी शहरों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा के केंद्र में आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेब्रास्का में एक चुनावी रैली के दौरान ईरान के संदर्भ में लॉस एंजिल्स और सैन डिएगो का जिक्र करते हुए ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर अमेरिका में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान किसी अमेरिकी शहर को निशाना बना सकता है और इसी संदर्भ में उन्होंने लॉस एंजिल्स तथा सैन डिएगो का नाम लिया।

ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद कैलिफोर्निया के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। हालांकि व्हाइट हाउस ने बाद में स्पष्ट किया कि ट्रंप का आशय अमेरिकी शहरों पर हमला करवाने से नहीं था, बल्कि वह यह कह रहे थे कि अमेरिका ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोक रहा है, ताकि भविष्य में अमेरिकी शहरों पर खतरा पैदा न हो।

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फेयरफोर्ड एयरबेस से अमेरिकी बॉम्बर्स हटाए गए

इसी बीच ब्रिटेन स्थित RAF Fairford एयरबेस से अमेरिका ने अपने करीब एक दर्जन B-1 बॉम्बर वापस अमेरिका भेज दिए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह कदम एयरबेस पर संभावित ईरान समर्थित हमले से जुड़ी खुफिया जानकारी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर उठाया गया।

ब्रिटिश पुलिस ने एयरबेस के आसपास संदिग्ध गतिविधियों के मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों की जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या इन गतिविधियों का ईरान से कोई संबंध था। ईरान ने ऐसे किसी षड्यंत्र में अपनी भूमिका से इनकार किया है।

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RAF Fairford से अमेरिकी बॉम्बर्स को हटाने का फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह बेस ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में इस्तेमाल होता रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे सुरक्षा संबंधी खतरे के मद्देनजर उठाया गया एहतियाती कदम बताया है।

ईरान के प्रॉक्सी नेटवर्क को लेकर भी चिंता

अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंता केवल सीधे सैन्य हमले तक सीमित नहीं है। पश्चिमी सुरक्षा एजेंसियां ईरान से जुड़े संभावित प्रॉक्सी नेटवर्क और हमलों की आशंका पर भी नजर रख रही हैं। RAF Fairford प्रकरण की जांच में भी इसी दिशा में संभावित कड़ियों को खंगाला जा रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ईरान से जुड़े खतरे को देखते हुए सैन्य संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की बात कही है। ऐसे में मध्य-पूर्व में चल रहा संघर्ष अब यूरोप और अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।

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चुनावी माहौल में ट्रंप की टिप्पणी बनी मुद्दा

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका में मध्यावधि चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। नेब्रास्का की रैली में ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध, ऊर्जा कीमतों और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी। लॉस एंजिल्स और सैन डिएगो का जिक्र सामने आने के बाद कैलिफोर्निया के नेताओं ने उनकी टिप्पणी की आलोचना की और शहरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

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