भीमताल (नैनीताल)। भीमताल डैम के ब्रिटिशकालीन ढांचे में झील के पानी की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम आखिरकार शुरू हो गया है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को तब गति मिली, जब मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहल की गई और विशेषज्ञ टीमों ने निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की।
सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी के अनुसार, केंद्र की विशेषज्ञ टीम और भाभा अनुसंधान केंद्र रुड़की की डैम सेफ्टी टीम ने विस्तृत सर्वे के बाद रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर मरम्मत कार्य को स्वीकृति मिली। अब डैम पर 7 नए निकासी गेट पहुंच चुके हैं और उन्हें लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, डैम से हो रहे लीकेज को वैज्ञानिकों ने नियंत्रित कर लिया है और अब चरणबद्ध तरीके से अन्य तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं, ताकि पूरी जल निकासी प्रणाली को सुरक्षित और सुचारु बनाया जा सके।
हालांकि, इस बीच एक बड़ी समस्या अब भी बरकरार है। डैम में कुल 9 निकासी गेट हैं, जिनमें से मुख्य गेट पिछले करीब 30 वर्षों से बंद पड़ा है। इस कारण झील में गाद और मिट्टी जमा हो रही है, जिससे जल की गुणवत्ता और निर्मलता प्रभावित हो रही है।
इस पर पूरन चंद्र बृजवासी ने सिंचाई विभाग और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि बंद पड़े मुख्य गेट को जल्द खोलने और ठीक करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि डैम से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि झील की स्वच्छता और क्षेत्र की जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

