रामनगर (नैनीताल): जनपद नैनीताल के रामनगर क्षेत्र में चर्चित कोसी कैफे होमस्टे प्रकरण में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए होमस्टे को सीज कर दिया गया है, साथ ही उसके लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए संबंधित प्राधिकारी को संस्तुति भेजी गई है।
पुलिस के अनुसार, 18 अप्रैल 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर थाना रामनगर में गुमशुदा नाबालिगों के संबंध में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान मुखबिर की सूचना पर दोनों नाबालिगों को कोसी कैफे होमस्टे के कमरों से बरामद किया गया।
जांच में सामने आया कि प्रकरण में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं—बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ पोक्सो एक्ट—के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और रिमांड लिया गया है।
पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। होमस्टे संचालक द्वारा आगंतुकों की एंट्री रजिस्टर में दर्ज नहीं की गई थी और न ही उनकी पहचान से जुड़े दस्तावेज लिए गए थे। निरीक्षण के दौरान कमरों से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई।
विवेचना में पीड़िताओं, गवाहों और स्थानीय लोगों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि होमस्टे मैनेजर भास्कर जोशी ने नाबालिगों के आगमन की सूचना दर्ज नहीं की और आवश्यक औपचारिकताओं का पालन नहीं किया। इससे यह संकेत मिला कि होमस्टे का उपयोग अवैध गतिविधियों और गंभीर अपराधों के लिए किया जा रहा था।
बताया गया कि उक्त होमस्टे का पंजीकरण जिला पर्यटन अधिकारी नैनीताल द्वारा किया गया था, जबकि वर्तमान में इसका संचालन मो. अदनान द्वारा किया जा रहा था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए होमस्टे को सीज कर दिया है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच और विधिक कार्रवाई जारी है।
