चेन्नई में दिए बयान पर मचा बवाल, सफाई के बाद भी थमा नहीं विवाद
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के एक बयान ने मंगलवार को देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखी टिप्पणी की, जिसके बाद सियासी माहौल गरमा गया है।
दरअसल, खरगे AIADMK के भाजपा के साथ गठबंधन पर सवाल उठा रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अन्नादुरई की विचारधारा का दावा करने वाली पार्टी कैसे पीएम मोदी के साथ जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां समानता और न्याय के खिलाफ हैं और ऐसे गठबंधन लोकतंत्र को कमजोर करते हैं।
स्टालिन की तारीफ, AIADMK पर निशाना
खरगे ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin की सराहना करते हुए कहा कि देश को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो भाजपा के सामने झुकें नहीं। उन्होंने AIADMK पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अपनी पहचान खो चुकी है और भाजपा की “मूक सहयोगी” बन गई है, जो राज्य के हितों की रक्षा करने में सक्षम नहीं है।
बयान पर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद खरगे ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री को “आतंकवादी” कहना नहीं था, बल्कि यह कहना था कि वे राजनीतिक विरोधियों और संस्थाओं पर दबाव बनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, आयकर विभाग और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
साथ ही उन्होंने चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री के राष्ट्र को संबोधन को आचार संहिता का उल्लंघन बताया और Election Commission of India की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
भाजपा का पलटवार
भाजपा ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार पीएम के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती रही है और यह उसकी “नफरत की राजनीति” को दर्शाता है।
राजनीतिक तापमान बढ़ा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। जहां कांग्रेस इसे सामान्य राजनीतिक आलोचना बता रही है, वहीं भाजपा इसे प्रधानमंत्री और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान करार दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने वाला है।
