कुलपति प्रो. नवीन लोहनी ने दिए निर्देश, छात्र हित और परीक्षा व्यवस्था पर भी हुई अहम चर्चा
हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) में आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए छात्र नामांकन बढ़ाने, अध्ययन केंद्रों को सशक्त बनाने और छात्र सुविधाओं को बेहतर करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने सभी अध्ययन केंद्रों को पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम 50 प्रतिशत अधिक नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया।
मंगलवार को कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा व्यवस्था, अध्ययन केंद्रों की कार्यप्रणाली और छात्र कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निदेशक क्षेत्रीय सेवाएं प्रो. गिरिजा पांडेय, अतिरिक्त निदेशक प्रो. एम.एम. जोशी, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार, सहायक कुलसचिव रत्ती डोगरा, प्रशासनिक अधिकारी पी.एस. परिहार सहित विभिन्न अध्ययन केंद्रों के समन्वयक एवं क्षेत्रीय अधिकारी मौजूद रहे।
कुलपति प्रो. लोहनी ने कहा कि उच्च शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विश्वविद्यालय का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए अध्ययन केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी केंद्रों को प्रवेश अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक में परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारु बनाने पर भी जोर दिया गया। परीक्षा नियंत्रक को निर्देशित किया गया कि जिन अध्ययन केंद्रों में परीक्षा सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, वे निकटवर्ती परीक्षा केंद्रों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराएं। साथ ही परीक्षा संबंधी सभी लंबित देयकों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
एससी-एसटी विद्यार्थियों को राहत देने की पहल
बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को फीस प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन सत्यापन में आने वाली परेशानियों पर भी चर्चा हुई। वर्तमान व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को सत्यापन के लिए हल्द्वानी आना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए समाज कल्याण विभाग से जिला स्तर पर ही सत्यापन प्रक्रिया लागू कराने का निर्णय लिया गया।
अध्ययन केंद्रों को मिलेगा प्रचार-प्रसार के लिए बजट
विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए अध्ययन केंद्रों को तत्काल ओवरहेड राशि उपलब्ध कराने और पिछले दो वर्षों में स्थापित केंद्रों को प्रचार-प्रसार के लिए अग्रिम धनराशि देने का फैसला किया है। इसके तहत केंद्र स्थानीय स्तर पर फ्लेक्स, बैनर, पंपलेट और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे।
पुस्तक मेलों के जरिए बढ़ेगा जनसंपर्क
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन अध्ययन केंद्रों में अभी तक पुस्तक मेले आयोजित नहीं हुए हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर पुस्तक मेले लगाए जाएं। इन आयोजनों के माध्यम से विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों, योजनाओं और दूरस्थ शिक्षा के अवसरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए लगातार प्रयासरत है तथा सभी अध्ययन केंद्रों की सक्रिय भागीदारी से नए सत्र में नामांकन वृद्धि का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

