फर्जी पासपोर्ट प्रकरण: आचार्य बालकृष्ण सीबीआई कोर्ट में पेश, पूर्व प्रिंसिपल के बयान होंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से

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देहरादून। भारतीय पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मामले में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण सीबीआई के स्पेशल मजिस्ट्रेट संदीप सिंह भंडारी की अदालत में पेश हुए। अदालत ने उनके खिलाफ लगे आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों पर सवाल-जवाब किए।

इस केस में जिस खुर्जा स्थित शिक्षण संस्थान से फर्जी डिग्री लेने का आरोप है, उसके तत्कालीन प्रिंसिपल नरेश चंद द्विवेदी को भी पेश होना था। हालांकि, अस्वस्थता के चलते वे अदालत नहीं पहुंचे। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र दिया कि उनके बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दर्ज किए जाएं। अदालत ने इस पर सहमति दे दी है।

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गौरतलब है कि आचार्य बालकृष्ण पर नेपाल मूल का नागरिक होने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने का आरोप है। सीबीआई ने वर्ष 2011 में शिकायत और जांच के बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच में फर्जी डिग्री का मामला भी सामने आया। इस प्रकरण में 2016 में सीबीआई ने नेपाल सरकार से पत्राचार कर चार्जशीट दाखिल की थी।

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आचार्य बालकृष्ण और नरेश चंद द्विवेदी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और पासपोर्ट अधिनियम के तहत आरोप तय हैं। वर्तमान में यह मुकदमा सीबीआई की विशेष अदालत में विचाराधीन है।

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