स्वच्छता के क्षेत्र में बेमिसाल प्रदर्शन करने वाले शहरों को आज मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

खबर शेयर करें

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के विजेताओं को सम्मानित करेंगी। यह सर्वेक्षण न केवल भारत, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण माना जा रहा है।

इस वर्ष के सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को कुल 78 पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। पुरस्कार वितरण चार प्रमुख श्रेणियों में होगा— सुपर स्वच्छ लीग (SSL) शहर, पांच जनसंख्या श्रेणियों में टॉप 3 स्वच्छ शहर, विशेष श्रेणियां (जैसे गंगा टाउन, सफाईमित्र सुरक्षा, महाकुंभ और कैंटोनमेंट बोर्ड), तथा राज्य स्तरीय पुरस्कार।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड (अपडेट): चमोली में बादल फटने से दंपती लापता, कई घायल, रुद्रप्रयाग में भी तबाही

समावेशिता और तकनीक आधारित मूल्यांकन

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 को इस बार “कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें” की थीम पर केंद्रित किया गया है। सर्वेक्षण प्रक्रिया में 3,000 से अधिक प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं ने 45 दिनों तक देश के हर वार्ड में दौरा किया। इस दौरान 11 लाख से अधिक परिवारों से सीधी बातचीत की गई और 14 करोड़ नागरिकों की भागीदारी दर्ज हुई— माई जीओवी, स्वच्छता ऐप और सोशल मीडिया के माध्यम से।

इस बार पहली बार शहरों को पांच जनसंख्या आधारित वर्गों में बांटा गया है:

  1. बहुत छोटे शहर (20,000 से कम)
  2. छोटे शहर (20,000–50,000)
  3. मध्यम शहर (50,000–3 लाख)
  4. बड़े शहर (3–10 लाख)
  5. महानगर (10 लाख से अधिक)
यह भी पढ़ें 👉  शादी का झांसा देकर विदेश ले गया, फिर किया उत्पीड़न...नेपाल की युवती ने युवक पर लगाए गंभीर आरोप

प्रत्येक श्रेणी का मूल्यांकन उसकी जरूरतों और आकार के अनुसार किया गया ताकि छोटे और बड़े शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा संतुलित और निष्पक्ष रहे।

सुपर स्वच्छ लीग की नई पहल

इस वर्ष की एक महत्वपूर्ण विशेषता सुपर स्वच्छ लीग (SSL) की शुरुआत है। इसमें वे शहर शामिल किए गए हैं जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार टॉप 3 में रहे हैं और इस वर्ष अपनी श्रेणी में शीर्ष 20 प्रतिशत में प्रदर्शन किया है। इसका उद्देश्य स्थायी उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना और अन्य शहरों को भी प्रेरित करना है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: न्यूरो सर्जन डॉ. अभिषेक राज ने किया दुर्लभ ब्रेन सर्जरी का सफल ऑपरेशन, मरीज को मिली नई जिंदगी

स्वच्छ भारत अभियान की निरंतर सफलता

गौरतलब है कि स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरुआत 2016 में सिर्फ 73 शहरों के साथ हुई थी, लेकिन अब यह 4,500 से अधिक शहरों को कवर कर रहा है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार, यह अभियान शहरी भारत में व्यवहार परिवर्तन, जनभागीदारी, और स्थायी स्वच्छता व्यवस्था की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page