Char Dham Yatra 2026: केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में फिर लागू होगा टोकन सिस्टम, विरोध के बीच बड़ा फैसला

खबर शेयर करें

देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को लेकर सरकार और पर्यटन विभाग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इस बार भी श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में टोकन सिस्टम लागू रहेगा। हालांकि पिछले साल इस व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे, लेकिन सरकार इसे और बेहतर बनाकर जारी रखने के पक्ष में है।

दरअसल, पिछले वर्ष पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने देश के प्रमुख मंदिरों, विशेष रूप से माता वैष्णो देवी धाम की तर्ज पर टोकन व्यवस्था शुरू की थी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत दिलाना और दर्शन को व्यवस्थित करना था। यात्रा पंजीकरण के बाद धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं को टोकन नंबर दिया जाता था, जिसमें दर्शन का निर्धारित समय अंकित होता था।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: दिनदहाड़े तीन बदमाशों ने जन सेवा केंद्र में की लूट, गल्ले से साढ़े तीन लाख की नगदी उड़ाई

हालांकि, शुरुआती दिनों में यह व्यवस्था पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। भीड़ बढ़ने पर कई श्रद्धालुओं को टोकन मिलने के बावजूद लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ा, जिससे नाराजगी भी देखने को मिली।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: आरटीओ ऑफिस में डीएम का औचक निरीक्षण, एजेंटों पर सख्ती...ड्रेस कोड, नेम प्लेट और सीसीटीवी अनिवार्य

चारधाम तीर्थपुरोहित महापंचायत ने इस सिस्टम पर सवाल उठाते हुए इसे अव्यवहारिक बताया है। महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती का कहना है कि टोकन व्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए।

वहीं, पर्यटन विभाग इस व्यवस्था को खत्म करने के बजाय इसे और बेहतर बनाने पर जोर दे रहा है। सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल का कहना है कि हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, ऐसे में सुगम और व्यवस्थित दर्शन के लिए टोकन सिस्टम जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले साल के अनुभवों के आधार पर इस बार व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी : निजी चिकित्सालयों में गोल्डन कार्ड धारकों का होगा सीजीएचएस दरों पर उपचार

सरकार का साफ संकेत है कि चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन सिस्टम जारी रहेगा, लेकिन इस बार इसे अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

You cannot copy content of this page