मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भारी बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये में कमजोरी के दबाव के चलते बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया। कारोबार शुरू होने के महज 10 मिनट के भीतर ही बीएसई सेंसेक्स 625 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 180 अंक तक टूट गया। शुरुआती गिरावट के चलते निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 2.79 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से महंगाई और आयात लागत बढ़ने की आशंका गहरा गई है। भारतीय रुपये में आई कमजोरी ने भी बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर डाला।
कारोबार के दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 559 अंक गिरकर 77,621.92 पर कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती सत्र में यह 625.20 अंक टूटकर 77,555.52 के निचले स्तर तक पहुंच गया। गौरतलब है कि मंगलवार को सेंसेक्स 78,180.72 अंक पर बंद हुआ था, ऐसे में बुधवार को शुरुआत से ही बाजार दबाव में नजर आया।
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 भी कमजोर शुरुआत के साथ 159 अंक गिरकर 24,238.25 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान निफ्टी 180 अंक से अधिक फिसलकर 24,207.20 के निचले स्तर तक पहुंच गया।
बाजार में बिकवाली का सबसे अधिक असर सीमेंट, ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर पर देखने को मिला। सेंसेक्स में शामिल अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी करीब एक प्रतिशत तक कमजोर रहे।
हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की। इंफोसिस, टीसीएस और सन फार्मा के शेयरों में मामूली बढ़त दर्ज की गई, लेकिन यह तेजी व्यापक बिकवाली के सामने टिक नहीं सकी।
बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का असर इंडिया वीआईएक्स (India VIX) पर भी दिखाई दिया। निवेशकों की चिंता का संकेतक माने जाने वाला यह सूचकांक 5 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 12.25 पर पहुंच गया, जो निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने के संकेत देता है।
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो निफ्टी ऑयल एंड गैस, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, मेटल और पीएसयू बैंक सूचकांकों में करीब एक प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी फार्मा लगभग 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ मजबूती दिखाने वाला प्रमुख सेक्टर रहा।
बाजार की व्यापक तस्वीर भी कमजोर रही। एनएसई पर कारोबार करने वाले कुल शेयरों में से 1,574 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए या गिरावट में कारोबार करते दिखे, जबकि केवल 749 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। 123 शेयरों में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश करने और जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।

