चीन में भीषण भूस्खलन से 21 लोगों की मौत, 7 घायल…345 राहतकर्मियों ने चलाया बड़ा रेस्क्यू अभियान

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बीजिंग। उत्तर-पश्चिमी चीन के गांसु प्रांत में मंगलवार सुबह हुए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

यह हादसा गांसु प्रांत के लोंगनान शहर के नान्हे टाउनशिप स्थित रेनजांग गांव में उस समय हुआ, जब अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। देखते ही देखते मलबे ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भूस्खलन के समय कुल 33 लोग प्रभावित हुए थे। इनमें से पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। अन्य घायलों का इलाज जारी है।

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घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग, पुलिस, आपदा राहत बल और चिकित्सा टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। बचाव अभियान युद्धस्तर पर शुरू किया गया और कई घंटों तक मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी रही। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने लेवल-3 भू-आपदा आपात प्रतिक्रिया लागू कर दी और विशेषज्ञों की एक विशेष कार्यदल (वर्किंग ग्रुप) को घटनास्थल के लिए रवाना किया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल 345 राहतकर्मियों को लगाया गया। इसके अलावा 10 खोजी (स्निफर) कुत्तों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश की गई। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों से मलबा हटाने का कार्य लगातार चलता रहा, जबकि एंबुलेंस और मेडिकल टीमें मौके पर तैनात रहीं। बचाव दलों ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य भी किया।

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गांसु प्रांतीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि घायलों के उपचार के लिए जिले में चार विशेष आपातकालीन मेडिकल टीमें भेजी गईं। इन टीमों में आईसीयू, ट्रॉमा केयर और बाल रोग विशेषज्ञ शामिल थे। इसके अलावा 13 स्वास्थ्यकर्मियों को भी राहत एवं चिकित्सा सेवाओं में लगाया गया।

प्रशासन ने गंभीर रूप से घायल लोगों के बेहतर उपचार के लिए गांसु प्रांतीय पीपुल्स हॉस्पिटल से क्रिटिकल केयर, ऑर्थोपेडिक्स और जनरल सर्जरी के विशेषज्ञों को भी घटनास्थल पर भेजा। घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया तथा दूरस्थ चिकित्सा परामर्श (टेली-कंसल्टेशन) की व्यवस्था भी शुरू की गई।

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विशेषज्ञों का कहना है कि चीन भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से दुनिया के सबसे संवेदनशील देशों में शामिल है। इसका प्रमुख कारण यह है कि देश का लगभग 69 प्रतिशत भूभाग पहाड़ी या पठारी क्षेत्र में स्थित है। सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटें, कमजोर भू-संरचना और मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश अक्सर ऐसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन का कारण बनती हैं।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही भूवैज्ञानिक विशेषज्ञ इलाके का सर्वेक्षण कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं के खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।

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