ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका का सनसनीखेज दावा, मिडिल ईस्ट में बढ़ी हलचल

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न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में एक बार फिर भू-राजनीतिक पारा चढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के विशेष दूत Steve Witkoff ने दावा किया है कि ईरान सैद्धांतिक रूप से एक सप्ताह के भीतर बम-ग्रेड यूरेनियम तैयार करने की क्षमता रखता है। उनके इस बयान ने वॉशिंगटन से लेकर तेल अवीव और तेहरान तक नई बहस छेड़ दी है।

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में विटकॉफ ने कहा कि ईरान औद्योगिक स्तर पर हथियार-योग्य यूरेनियम उत्पादन से “शायद एक हफ्ते दूर” है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह स्पष्ट नहीं है कि फिलहाल ईरान के पास सक्रिय हथियार कार्यक्रम या पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है या नहीं।

Operation Midnight Hammer का असर
जून 2025 में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर बड़ा सैन्य अभियान चलाया था। इस ऑपरेशन को Operation Midnight Hammer नाम दिया गया।

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अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में करीब 20,000 सेंट्रीफ्यूज नष्ट किए गए और तीन प्रमुख परमाणु स्थलों को गंभीर क्षति पहुंचाई गई। उस समय आकलन था कि ईरान लगभग एक सप्ताह में हथियार-ग्रेड यूरेनियम तैयार कर सकता है, लेकिन उसे मिसाइल में फिट होने योग्य परमाणु बम विकसित करने में तीन से छह महीने का अतिरिक्त समय लग सकता था। पहले यह समयसीमा दो साल तक मानी जाती थी, लेकिन हाल के वर्षों में यह अवधि घटने से इजरायल की चिंता बढ़ी थी।

अमेरिका और इजरायल की रणनीतिक चिंता
फिलहाल अमेरिका और इजरायल का अनुमान है कि ईरान को पूर्ण परमाणु हथियार क्षमता हासिल करने में कम से कम दो वर्ष लग सकते हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मान रही है।

विटकॉफ ने साफ किया कि ट्रंप प्रशासन “जीरो एनरिचमेंट” नीति पर कायम है — यानी ईरान को यूरेनियम संवर्धन की कोई अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि सीमित और सख्त अंतरराष्ट्रीय निगरानी के तहत नागरिक उपयोग के लिए संवर्धन पर चर्चा हो सकती है।

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ईरान में बढ़ते विरोध और राजनीतिक संदेश
इस बीच तेहरान और अन्य शहरों में छात्रों और युवाओं के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। इस्लामिक शासन के खिलाफ नारेबाजी और राजनीतिक असंतोष ने सरकार पर अतिरिक्त दबाव बना दिया है।

विटकॉफ ने निर्वासित शहजादे Reza Pahlavi का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने देश के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, लेकिन ईरान का भविष्य क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति से भी जुड़ा है।

लेबनान में Hezbollah की हलचल
अरब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लेबनान में Hezbollah की सैन्य तैयारियों की निगरानी अब सीधे Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) कर रही है। बताया जा रहा है कि आईआरजीसी के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में लेबनान पहुंचे हैं और वहां सैन्य ढांचे के पुनर्गठन तथा रणनीतिक गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं।

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EU पर ईरान का पलटवार
ईरान ने European Union के सदस्य देशों की नौसेना और वायु सेना को “आतंकी संगठन” घोषित कर दिया है। यह कदम यूरोपीय संघ द्वारा आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के जवाब में उठाया गया बताया जा रहा है।

राष्ट्रपति Pezeshkian का सख्त रुख
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय एकता और लचीलेपन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु वार्ता के दौरान बाहरी दबाव के आगे झुकने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने देशवासियों से आंतरिक मतभेद भुलाकर एकजुट रहने की अपील की।

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