रुद्रप्रयाग व चमोली में तबाही: मोपाटा में मलबे से शव बरामद, रुद्रप्रयाग में महिला की मौत, कई लोग लापता…तस्वीरें

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देहरादून। उत्तराखंड में बादल फटने की घटनाओं ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग-देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में मलबे में दबे शव को निकाला गया है, जबकि मकान टूटने से दो लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ग्रामीण स्वयं राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं, क्योंकि बंद रास्ते बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

रुद्रप्रयाग जिले में भी हालात गंभीर हैं। टेंडवाल गांव में मलबे की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई थी। वहीं, छेनागाड़ डुगर और जौला बड़ेथ गांव से भी कुछ लोगों के लापता होने की सूचना है।

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किमाणा गांव में खेती की जमीन और सड़कें बड़े-बड़े बोल्डरों व मलबे से दब गईं। अरखुण्ड में मछली तालाब और मुर्गी फार्म बह गया, जबकि स्यूर गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ और वाहन बह गया। बड़ेथ, बगडधार और तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में भारी मात्रा में पानी और मलबा आया।

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इस बीच, टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव में भी बीती रात बादल फटा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि यहां जनहानि नहीं हुई, लेकिन कृषि भूमि, पेयजल और विद्युत लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई पैदल पुल और रास्ते भी टूट गए हैं। स्थिति का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीम गांव भेज दी गई है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं तुरंत बहाल की जाएं। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी के जिलाधिकारियों से घटनाओं की विस्तृत जानकारी लेते हुए राहत व बचाव कार्यों में और तेजी लाने पर जोर दिया।

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