Uttarakhand: कैमरा उठाइए और दिखाइए अपना हल्द्वानी… 90 सेकेंड की रील पर मिलेगा 51 हजार का इनाम

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हल्द्वानी। अगर आपके मोबाइल कैमरे में हल्द्वानी की कोई ऐसी तस्वीर कैद है, जिसे देखकर दूसरे भी कह उठें ‘वाह! ये है हमारा हल्द्वानी’, तो अब आपकी रचनात्मकता आपको इनाम भी दिला सकती है। नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम ने शहर की खूबसूरती, संस्कृति, विरासत और बदलती पहचान को सोशल मीडिया पर नए अंदाज में सामने लाने के लिए ‘हमारा हल्द्वानी रील प्रतियोगिता-2026’ शुरू की है।

यानी इस बार हल्द्वानी की कहानी किताब या पोस्टर में नहीं, बल्कि आपके मोबाइल कैमरे और आपकी रील के जरिए दुनिया तक पहुंचेगी। प्रतियोगिता की थीम भी बेहद दिलचस्प रखी गई है ‘आपका शहर, आपकी कहानी, आपकी रील।’

मंगलवार को नगर निगम सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने प्रतियोगिता का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी तेजी से बदल रहा है। एक ओर आधुनिक शहर की तस्वीर है तो दूसरी ओर बाजारों की रौनक, कुमाऊं की लोक संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और आसपास की प्राकृतिक खूबसूरती इसकी अलग पहचान बनाती है। इन्हीं रंगों को युवा अपनी नजर से दुनिया के सामने ला सकते हैं।

90 सेकेंड में दिखानी होगी हल्द्वानी की पूरी कहानी

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ज्यादा लंबी फिल्म बनाने की जरूरत नहीं है। कम से कम 30 सेकेंड और अधिकतम 90 सेकेंड की रील बनानी होगी। वीडियो वर्टिकल यानी 9:16 फॉर्मेट में होना चाहिए।

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खास बात यह है कि रील हिंदी, अंग्रेजी या कुमाऊंनी किसी भी भाषा में बनाई जा सकती है। प्रतिभागियों को अपनी कल्पना के मुताबिक हल्द्वानी की कहानी कहने की पूरी आजादी होगी, लेकिन रील मौलिक और स्वयं निर्मित होनी चाहिए। किसी दूसरे के कंटेंट की नकल मिलने पर प्रतिभागिता रद्द कर दी जाएगी।

प्रतियोगिता में हल्द्वानी को दिखाने के लिए नगर निगम ने सात विषय भी तय किए हैं। कोई शहर की बदलती तस्वीर को कैमरे में कैद कर सकता है तो कोई स्वच्छता की कहानी बता सकता है। कोई हल्द्वानी की प्राकृतिक खूबसूरती दिखा सकता है तो कोई बाजारों और स्थानीय कारोबार की रौनक।

इसके अलावा इतिहास एवं विरासत, संस्कृति एवं लोक कला और स्थानीय खान-पान भी प्रतियोगिता का हिस्सा होंगे। ऐसे में किसी के कैमरे में बाजार की चहल-पहल होगी तो किसी की रील में कुमाऊं की संस्कृति की झलक दिखाई दे सकती है। कोई स्थानीय जायकों को अपनी कहानी बनाएगा तो कोई शहर के बदलते स्वरूप को।

लाइक और व्यूज से नहीं, कहानी से तय होगा विजेता

सोशल मीडिया प्रतियोगिताओं में अक्सर ज्यादा लाइक और व्यूज को जीत का रास्ता माना जाता है, लेकिन नगर निगम ने इस प्रतियोगिता में ऐसा नहीं रखा है। सिर्फ लाइक और व्यूज के दम पर कोई विजेता नहीं बनेगा।

मूल्यांकन में सबसे ज्यादा महत्व रील की क्रिएटिविटी और स्टोरी टेलिंग को दिया जाएगा। क्रिएटिविटी को 25 प्रतिशत और स्टोरी टेलिंग को 25 प्रतिशत वेटेज मिलेगा। वीडियो क्वालिटी को 20 प्रतिशत, मौलिकता को 15 प्रतिशत और व्यूज/रीच को 15 प्रतिशत अंक मिलेंगे। यानी कैमरा महंगा है या मोबाइल साधारण—इससे ज्यादा मायने रखेगा कि आप हल्द्वानी की कहानी कितनी दिलचस्प तरीके से कह पाते हैं।

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एक रील बना सकती है हजारों की कमाई

प्रतियोगिता में पुरस्कार भी कम आकर्षक नहीं हैं। पहले स्थान पर 51 हजार रुपये, दूसरे स्थान पर 31 हजार रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को 21 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतिभागी अपनी रील 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक इंस्टाग्राम, फेसबुक या यूट्यूब पर पोस्ट कर सकेंगे। पोस्ट के कैप्शन में #हमाराहल्द्वानी2026 हैशटैग लगाना अनिवार्य होगा।

मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने शहर के युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि बाजार, पहाड़ की लोक परंपराओं, खान-पान, संस्कृति और आधुनिकता का संगम है। प्रतियोगिता के जरिए यही विविधता युवाओं की रचनात्मक नजर से सामने आएगी।

प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश सह संयोजक मीडिया संपर्क विभाग भुवन जोशी, मंडल अध्यक्ष नीरज बिष्ट, पूर्व जिला उपाध्यक्ष हरिमोहन अरोरा आदि मौजूद रहे।

फड़-ठेले वालों के लिए भी निगम की बड़ी तैयारी, चार सड़कों पर खोजी जा रही जमीन

हल्द्वानी में सड़क किनारे फड़ और ठेला लगाने वाले कारोबारियों के लिए भी नगर निगम नई व्यवस्था तैयार कर रहा है। निगम अब निजी जमीन किराए पर लेकर वेंडिंग जोन और चौपाटी विकसित करने की योजना बना रहा है।

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मेयर गजराज सिंह बिष्ट के अनुसार इन वेंडिंग जोन में नगर निगम में पंजीकृत वेंडरों को जगह दी जाएगी। इसके लिए कालाढूंगी रोड, नैनीताल रोड, रामपुर रोड और बरेली रोड पर निजी जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। निगम ने जमीन मालिकों से किराए पर जमीन देने के लिए आवेदन भी मांगे हैं।

जमीन मिलने के बाद वहां आवश्यक सुविधाएं विकसित कर पंजीकृत वेंडरों को स्थान आवंटित किया जाएगा। इससे एक तरफ फड़ और ठेले व्यवस्थित जगह पर आ सकेंगे, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे होने वाली अव्यवस्था और यातायात की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

नगर निगम की शिकायत भी अब फोन पर, जारी हुआ नंबर

शहरवासियों को छोटी-बड़ी नगर निगम संबंधी शिकायत के लिए कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए निगम ने 9410727977 नंबर जारी किया है। मेयर ने बताया कि सफाई, सड़क या नगर निगम से जुड़ी अन्य समस्या होने पर लोग इस नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम को कार्रवाई कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए जाएंगे।

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