Uttarakhand: दयारा बुग्याल से लापता एमबीए छात्रा का 28 दिन बाद भी सुराग नहीं, परिजन अब बागेश्वर धाम में लगाएंगे अर्जी

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रामनगर। उत्तराखंड के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रैकिंग रूट से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई एमबीए छात्रा बबीता पांडेय का करीब 28 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बेटी की तलाश में लगातार प्रयास कर रहे परिजन अब आध्यात्मिक सहारे की ओर भी रुख कर रहे हैं। परिवार ने बागेश्वर धाम में अर्जी लगाकर मदद की गुहार लगाने का निर्णय लिया है।

रामनगर के चिल्किया निवासी बबीता पांडेय 25 मई को अपने दो दोस्तों के साथ दयारा बुग्याल ट्रैकिंग के लिए रवाना हुई थी। बताया गया कि 29 मई की रात तीनों गोई क्षेत्र में टेंट लगाकर रुके थे। इसी दौरान बबीता रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

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घटना की जानकारी 31 मई को मिलने के बाद बबीता के भाई हर्षित पांडेय और मां अंजू पांडेय तत्काल दयारा बुग्याल पहुंचे और स्थानीय प्रशासन व बचाव दलों के साथ उसकी तलाश में जुट गए। कई दिनों तक चले खोज अभियान के बावजूद कोई सफलता नहीं मिलने पर परिजन मायूस होकर वापस लौट आए, लेकिन बेटी की तलाश की उम्मीद अभी भी बरकरार है।

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बबीता के पिता गोपाल पांडेय ने कहा कि उनकी बेटी को लापता हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग दोहराते हुए कहा कि इससे घटना की निष्पक्ष और व्यापक जांच हो सकेगी।

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उन्होंने बताया कि अब परिवार बागेश्वर धाम में जाकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समक्ष अर्जी लगाने की तैयारी कर रहा है। उनका कहना है कि जब सभी प्रयासों के बावजूद बेटी का कोई पता नहीं चल पाया है, तो अब वे ईश्वर और आस्था का सहारा ले रहे हैं।

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