Uttarakhand: किच्छा-सिरौलीकलां निकाय चुनाव की मतगणना का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सोमवार को सुनवाई की संभावना

खबर शेयर करें

रुद्रपुर (उधमसिंहनगर)। किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव में मतदान के बाद अब तक मतगणना नहीं होने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों निकायों की मतगणना कब और किस प्रक्रिया के तहत कराई जाएगी।

किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव के लिए 22 सितंबर को मतदान कराया गया था। मतदान के बाद दोनों निकायों की मतपेटियां स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं। इसी बीच मतदान के दिन शाम को किच्छा में स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच तनातनी हो गई थी। देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया और मौके पर हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान विधायक बेहड़ के साथ कथित तौर पर मारपीट भी हुई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: दुग्ध उत्पादकों के लिए खुशखबरी, 15 अप्रैल से प्रति लीटर दूध पर मिलेंगे दो रुपये अधिक

मतदान समाप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से मतगणना के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा गया। प्रशासन के इस रुख को लेकर किच्छा में कांग्रेस समर्थित सभासद पद की एक प्रत्याशी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में तीन सप्ताह का समय दिए जाने पर सवाल उठाते हुए जल्द मतगणना कराने की मांग की गई।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: तेज रफ्तार वाहन ने मजदूर को कुचला, मौत

मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर मतगणना कराने के निर्देश दिए। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी मामला यहीं नहीं रुका। कांग्रेस समर्थित सभासद पद की प्रत्याशी ने अब हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

यह भी पढ़ें 👉  राशिफल 01 जनवरी 2026

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद अब सभी की निगाहें सोमवार को प्रस्तावित सुनवाई पर टिकी हैं। सुनवाई के दौरान अदालत के रुख से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर आगे की प्रक्रिया क्या होगी। फिलहाल दोनों निकायों की मतपेटियां स्ट्रांग रूम में सुरक्षित हैं और प्रत्याशियों के साथ ही समर्थकों की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page