हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को हल्द्वानी के रामलीला मैदान से उत्तराखंड में पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव अभियान का ‘विजय शंखनाद’ किया। पहली बार हल्द्वानी पहुंचे खरगे ने केंद्र की भाजपा सरकार से लेकर उत्तराखंड की धामी सरकार तक पर जमकर निशाना साधा। नीट प्रश्नपत्र लीक, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, युवाओं के आंदोलन और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे उठाते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संसद में छात्रों के मुद्दों पर बहस की चुनौती दी।
खरगे ने कहा कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने से देश के छात्र परेशान हैं। जब छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन करते हैं तो उनके साथ दमनात्मक रवैया अपनाया जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा, “मोदी जी, तुमसे और तुम्हारे शाह से नहीं डरते। 56 इंच की छाती सिकुड़ गई क्या? विद्यार्थियों से बात नहीं कर सकते क्या?”
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष ने नहीं, बल्कि सरकार ने सदन को चलने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस होनी चाहिए और सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए। खरगे ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी दबाव से डरने वाले नहीं हैं और संविधान, लोकतंत्र, गरीबों, महिलाओं तथा छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी।
बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
खरगे ने अपने संबोधन में बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बनाते हुए केंद्र सरकार के 2014 के रोजगार संबंधी वादे पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि युवाओं को अब तक कितनी नौकरियां मिलीं। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि देश में करीब 30 लाख सरकारी पद रिक्त हैं, लेकिन उन्हें भरा नहीं जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं तो विकसित भारत की बात कैसे की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास रोजगार और विकास को लेकर विजन और योजना है। सत्ता में आने पर योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था को और मजबूत करने का वादा भी उन्होंने किया।
उत्तराखंड के युवाओं की प्रतिभा का जिक्र करते हुए खरगे ने अल्मोड़ा के युवा आविष्कारक रवि टम्टा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवा प्रतिभाशाली हैं और अवसर मिलने पर वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
‘भाजपा की वॉशिंग मशीन में साफ हो जाते हैं नेता’
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी खरगे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिन नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उन्हें जेल भेजने की बात करती है, बाद में उन्हीं नेताओं को अपने साथ शामिल कर लेती है। इसी को लेकर उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ने ऐसे नेताओं को ‘वॉशिंग मशीन’ में डालकर साफ करने का काम शुरू कर दिया है।
खरगे ने कांग्रेस के शासनकाल में लागू किए गए खाद्य सुरक्षा कानून और मनरेगा का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य गरीबों को अधिकार और रोजगार उपलब्ध कराना था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए किसानों की कर्जमाफी का भी जिक्र किया।
आजादी के आंदोलन को लेकर भी साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू किए गए भारत छोड़ो आंदोलन का उल्लेख करते हुए भाजपा और संघ पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के आंदोलन में भाजपा और संघ का कोई योगदान नहीं रहा, लेकिन आज वही लोग कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।
खरगे ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार सभी मोर्चों पर विफल साबित हुई है और राज्य की सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता वर्तमान सरकार से परेशान है और आगामी विधानसभा चुनाव के बाद उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
सभा से पहले कांग्रेस का पुलिस प्रशासन पर प्रदर्शन
खरगे की जनसभा से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सभा में लेकर आ रही बसों और वाहनों को रोके जाने का आरोप लगाते हुए हल्द्वानी में एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत कई नेता धरने पर बैठे।
यशपाल आर्य ने पुलिस प्रशासन पर सरकार के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सभा में पहुंचने से रोकने के लिए वाहनों की अनावश्यक जांच की जा रही है। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष की सभा में आने वाले लोगों की गाड़ियों को जबरन रोका जा रहा है। उन्होंने पुलिस के रवैये के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी भी दी।
खरगे का काफिला भी जाम में फंसा, पूरा शहर रहा बेहाल
कांग्रेस की बड़ी सभा के बीच हल्द्वानी में वीआईपी मूवमेंट और ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी रही। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नेता शहर पहुंचे, जिसके चलते मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया।
नैनीताल रोड स्थित सौरभ होटल से रामलीला मैदान के लिए रवाना हुए खरगे का काफिला भी जाम में फंस गया। होटल से निकलने के बाद पटेल चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और उनका काफिला रुक-रुककर आगे बढ़ा। खरगे के अलावा शहर के आम लोग भी दिनभर यातायात व्यवस्था से जूझते रहे।
मंगल पड़ाव से लेकर हल्द्वानी के विभिन्न हिस्सों तक वाहन रेंगते नजर आए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी करीब एक घंटे तक पुलिस और प्रशासन को यातायात सामान्य करने में मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस ने सुरक्षा और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए कई स्थानों पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी। चिलचिलाती धूप में लंबे जाम और जगह-जगह रोके जाने से राहगीरों और दुकानदारों में नाराजगी दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना था कि वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का खामियाजा अक्सर आम जनता को भुगतना पड़ता है।
मीडियाकर्मियों को रोकने पर भी हुई नोकझोंक
वीआईपी रूट और कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के चलते मीडियाकर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कवरेज के लिए कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे पत्रकारों को कुछ स्थानों पर पुलिसकर्मियों ने रोकने का प्रयास किया। इसे लेकर पुलिस और पत्रकारों के बीच नोकझोंक भी हुई। पत्रकारों ने पुलिस के इस रवैये पर विरोध दर्ज कराया।
यातायात निरीक्षक भूपेश पांडेय के अनुसार कार्यक्रम को देखते हुए पहले से डायवर्जन प्लान जारी किया गया था और शहर में वाहनों की नो एंट्री थी। उन्होंने कहा कि वीआईपी कार्यक्रम के कारण हल्का जाम स्वाभाविक है।
इन मार्गों पर प्रभावित रहा यातायात
कांग्रेस की सभा और वीआईपी मूवमेंट का असर शहर के कई प्रमुख मार्गों पर देखने को मिला। बरेली रोड, रामपुर रोड, नैनीताल रोड, गौला बाईपास और वनभूलपुरा के अलावा आंतरिक सड़कों में दुर्गा सिटी सेंटर, नवाबी रोड और पनचक्की रोड, वर्कशॉप लाइन समेत कई मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही।

