Uttarakhand: 9 और 10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में ऑरेंज चेतावनी…प्रशासन 24 घंटे हाई अलर्ट पर

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 9 और 10 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, तेज बारिश के दौर और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को गंभीरता से लेते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट जारी कर व्यापक सतर्कता बरतने और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा, तेज बारिश के दौर और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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10 जुलाई को मौसम का असर कुछ जिलों में और अधिक रहने की संभावना है। इस दिन पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राहत एवं बचाव दलों, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड में रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

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निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल उन्हें खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन समय रहते सतर्क रह सकें।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेष रूप से पर्वतीय और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। नदी-नालों, बरसाती गधेरों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

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उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ या अन्य आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी मौसम संबंधी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

प्रदेश सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन, मशीनरी और मानवबल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए 24×7 सतर्कता बनाए रखें। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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