देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं (वीर नारियों) को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गृह कर (हाउस टैक्स) में छूट देने की घोषणा की है। राज्य सरकार की इस योजना का लाभ हवलदार और समकक्ष रैंक तक के पूर्व सैनिकों तथा उनकी विधवाओं को मिलेगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू होगी और 15 मार्च 2027 तक जारी रहेगी।
सैनिक बहुल राज्य उत्तराखंड में इस निर्णय को पूर्व सैनिकों के सम्मान और उनके सामाजिक सुरक्षा प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सैनिक कल्याण विभाग ने योजना के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए पात्र लाभार्थियों से समय पर आवेदन करने की अपील की है।
योजना के तहत आवेदन पत्र संबंधित जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय से प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक प्राप्त किए जा सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। निर्धारित अवधि के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?
गृह कर में छूट का लाभ केवल उन पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को मिलेगा, जिनका मकान उनके स्वयं के नाम पर पंजीकृत है और जिनका उस मकान में स्वयं निवास करना अनिवार्य है। यदि मकान किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है या आवेदक उसमें निवास नहीं करता है, तो योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
किराये और व्यावसायिक भवनों को नहीं मिलेगी छूट
सैनिक कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल आवासीय भवनों के लिए लागू होगी। यदि मकान का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है या वह किराये पर दिया गया है, तो गृह कर में छूट नहीं मिलेगी।
विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर या नियमों का उल्लंघन कर इस योजना का लाभ लेने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
ये दस्तावेज होंगे अनिवार्य
आवेदन के समय लाभार्थियों को मूल डिस्चार्ज बुक, सैन्य सेवा विवरण, सैनिक कल्याण निदेशालय देहरादून द्वारा जारी पहचान पत्र तथा संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत का गृह कर बिल प्रस्तुत करना होगा।
भरे हुए आवेदन पत्र की तीन प्रतियां संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत में जमा करनी होंगी, जबकि एक प्रति शपथ पत्र के साथ जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।
पूर्व सैनिकों को मिलेगी आर्थिक राहत
राज्य सरकार की इस पहल से हजारों पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तराखंड लंबे समय से सैनिक परंपरा वाला राज्य रहा है और बड़ी संख्या में सैनिक तथा पूर्व सैनिक यहां निवास करते हैं। ऐसे में गृह कर में दी जाने वाली यह छूट उनके लिए राहत भरा कदम मानी जा रही है।

