Amarnath Yatra 2026: तेजी से पिघल रहा बाबा बर्फानी का हिम शिवलिंग, बिना पंजीकरण पहुंचे 5 हजार श्रद्धालु लखनपुर से लौटाए गए

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श्रीनगर/जम्मू। पवित्र अमरनाथ गुफा में विराजमान बाबा बर्फानी के हिम शिवलिंग के इस वर्ष तेजी से पिघलने की खबरों ने देशभर के श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। मई महीने में करीब सात फीट ऊंचा बताया गया हिम शिवलिंग जून के अंत तक लगभग पांच फीट रह गया था, जबकि अब इसकी ऊंचाई घटकर करीब एक फीट तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर, अमरनाथ यात्रा में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बिना पंजीकरण पहुंचने वाले श्रद्धालुओं पर सख्ती शुरू कर दी है। रविवार शाम तक करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से ही रोक दिया गया।

हर वर्ष प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है। 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। ऐसे में हिम शिवलिंग के तेजी से पिघलने की खबर ने श्रद्धालुओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान, मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुसार हर वर्ष हिम शिवलिंग का आकार बदलता रहता है।

बिना पंजीकरण यात्रा पर सख्ती, लखनपुर से लौटाए जा रहे श्रद्धालु

अमरनाथ यात्रा के दौरान इस बार केवल अग्रिम पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं को ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

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रविवार शाम तक करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को लखनपुर यात्रा रिसेप्शन सेंटर पर रोक दिया गया। इनमें कई ऐसे श्रद्धालु भी शामिल रहे, जो देश के अलग-अलग राज्यों से लंबी दूरी तय कर जम्मू पहुंचे थे। प्रशासन ने उन्हें फिलहाल वापस लौटने और पंजीकरण सुनिश्चित होने के बाद ही दोबारा यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से तत्काल पंजीकरण के स्लॉट उपलब्ध नहीं होने के कारण यह फैसला लिया गया है। शनिवार रात से ही बिना पंजीकरण पहुंचने वाले यात्रियों को लखनपुर में रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।

आरएफआईडी और ई-केवाईसी के बाद ही मिल रही आगे जाने की अनुमति

प्रशासन ने यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को जम्मू की ओर रवाना किया जा रहा है, जिन्होंने पहले से पंजीकरण कराया है। लखनपुर में उनकी पहचान सत्यापन, ई-केवाईसी, आरएफआईडी टैगिंग और अन्य सुरक्षा औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उन्हें सुरक्षा काफिले के साथ आगे भेजा जा रहा है।

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यात्रा की आस लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं में मायूसी

देशभर से बाबा बर्फानी के दर्शन की इच्छा लेकर पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को बिना पंजीकरण लौटाए जाने से निराशा का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें तत्काल पंजीकरण मिलने की उम्मीद थी, लेकिन स्लॉट उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था केवल यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा प्रबंधन को सुचारु बनाए रखने के लिए लागू की गई है।

उपराज्यपाल ने किया चंदनवाड़ी और नुनवान का दौरा

इस बीच जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को चंदनवाड़ी और नुनवान बेस कैंप का दौरा कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए।

उपराज्यपाल ने नुनवान बेस कैंप में यात्रा प्रबंधन की समीक्षा बैठक की, जबकि चंदनवाड़ी में अधिकारियों, स्वयंसेवकों, लंगर संचालकों और सेवा प्रदाताओं से बातचीत कर श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यात्रियों की प्रतिक्रिया पर लगातार नजर रखें और चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध कराई जाए।

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100 बेड का अस्पताल दे रहा राहत

चंदनवाड़ी स्थित 100 बिस्तरों वाला बेस अस्पताल इस बार भी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत बना हुआ है। यहां प्रतिदिन औसतन 2,500 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल में वार्ड, प्रयोगशाला, इमरजेंसी यूनिट, ऑक्सीजन सुविधा और आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त इंतजाम किया गया है।

उपराज्यपाल ने अस्पताल का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से मुलाकात की और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी, सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों को यहां तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कई गंभीर मरीजों की जान बचाई जा चुकी है।

स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना

उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सरकार के सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अमरनाथ यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने में जुटे हैं। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर भोजन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सेवाएं यात्रा की सफलता की सबसे बड़ी ताकत हैं।

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