अमेरिका-ईरान टकराव बढ़ा, ईरान की चेतावनी- ‘सुरक्षित रहना है तो खाड़ी क्षेत्र छोड़ दें’

खबर शेयर करें

तेहरान/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को फारस की खाड़ी क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि यदि अमेरिका सुरक्षित रहना चाहता है तो उसे क्षेत्र से बाहर निकल जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अराघची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि युद्ध के मैदान में असफल रहने के बाद अमेरिका ईरान के संकल्प की परीक्षा लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की सेना किसी भी हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी का इतिहास बाहरी ताकतों के लिए सुखद नहीं रहा है और अतीत में ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं।

यह भी पढ़ें 👉  अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: तेहरान ने युद्धविराम तोड़ने का लगाया आरोप, होर्मुज जलडमरूमध्य पर दुनिया की नजर

अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ा तनाव

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई शुरू की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी बलों ने “आत्मरक्षा” के तहत ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के गिराए जाने की घटना के जवाब में की गई।

यह भी पढ़ें 👉  ट्रंप का बड़ा बयान: “ईरान की नौसेना खत्म”, परमाणु ठिकानों पर हमले का दावा

राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास गश्त कर रहे अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया गया। हालांकि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस घटना का जवाब देने के लिए बाध्य है।

ईरान ने कुछ दावों पर जताया संदेह

तनाव के बीच ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि हेलीकॉप्टर घटना को लेकर अमेरिकी दावों पर सवाल हैं। कुछ ईरानी अधिकारियों ने जानबूझकर हमले की बात से इनकार किया है और कहा है कि क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव के बीच ऐसी घटनाओं की जांच आवश्यक है।

पूरे पश्चिम एशिया पर असर की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकता है। हाल के दिनों में ईरान और Israel के बीच भी हमले और जवाबी हमले हुए हैं, जिससे क्षेत्र पहले ही तनावपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सीधा सैन्य टकराव व्यापक क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: बीमार व्यक्ति ने लाइसेंसी पिस्टल से खुद को मारी गोली, मौके पर मौत

हालांकि दोनों पक्ष अभी भी सार्वजनिक रूप से यह कह रहे हैं कि वे व्यापक युद्ध नहीं चाहते, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page