Uttarakhand: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने बनाया सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड

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देहरादून। उत्तराखंड के राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास में सोमवार, 6 जुलाई 2026 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने राज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक इस संवैधानिक पद पर रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के लगभग 19 वर्ष पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए उत्तराखंड के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बनने का गौरव हासिल किया।

सोमवार को उनके कार्यकाल का 1,756वां दिन शुरू होने के साथ ही यह नया इतिहास रच गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड राज्य के दूसरे राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के नाम दर्ज था, जिन्होंने 8 जनवरी 2003 से 28 अक्टूबर 2007 तक लगातार 1,755 दिनों तक राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।

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2021 में संभाली थी उत्तराखंड की कमान

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। चार वर्ष से अधिक समय के अपने कार्यकाल में उन्होंने संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ शिक्षा, सीमांत क्षेत्रों के विकास, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के मार्गदर्शन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान दिया।

रविवार को उन्होंने अपने कार्यकाल के 1,755 दिन पूरे किए और सोमवार से वह आधिकारिक रूप से उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राज्यपाल बन गए।

सैन्य पृष्ठभूमि वाले राज्यपाल के नाम दर्ज हुआ नया कीर्तिमान

देवभूमि और वीरभूमि के रूप में पहचान रखने वाले उत्तराखंड के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि पहली बार सेना की प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि से आने वाले किसी राज्यपाल ने यह रिकॉर्ड बनाया है। भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद राज्यपाल बने गुरमीत सिंह ने अपने प्रशासनिक अनुभव और अनुशासन का प्रभाव संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन में भी दिखाया।

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सीमांत विकास से लेकर उच्च शिक्षा तक रही विशेष प्राथमिकता

अपने कार्यकाल के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, रिवर्स पलायन, महिला सशक्तीकरण और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया। उन्होंने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों, शैक्षणिक कार्यक्रमों और नवाचार से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए युवाओं को शोध, कौशल विकास और उद्यमिता की ओर प्रेरित किया।

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राज्यपाल ने कई बार सीमांत जिलों का दौरा कर वहां की समस्याओं का प्रत्यक्ष आकलन किया और स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाओं तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जैविक खेती, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी लगातार सराहना की।

उत्तराखंड के इतिहास में दर्ज हुई नई उपलब्धि

वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य गठन के बाद कई राज्यपालों ने इस संवैधानिक पद की जिम्मेदारी निभाई, लेकिन पहली बार किसी राज्यपाल ने 1,756 दिनों का कार्यकाल पूरा करते हुए सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

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