Uttarakhand: NEET UG-2026 काउंसिलिंग में जाति प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े का खुलासा, छात्रा और पिता पर मुकदमा

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रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर): रुद्रपुर में NEET UG-2026 की राज्य केंद्रीकृत काउंसिलिंग के दौरान अभिलेख सत्यापन में जाति प्रमाणपत्र से जुड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रस्तुत किए गए वर्ष 1988 के नजूल पट्टे की जांच कराई गई तो संबंधित विभाग के अभिलेखों में ऐसा कोई पट्टा जारी होने का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद जांच में दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने पर दो सितंबर को जारी जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया।

मामले में राजस्व उप निरीक्षक अमिन पांडेय की तहरीर पर पंतनगर कोतवाली पुलिस ने छात्रा आदित्या प्रजापति और उसके पिता सोमपाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित दस्तावेज किस तरह तैयार कराया गया और उसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया।

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NEET UG-2026 की राज्य केंद्रीकृत काउंसिलिंग के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में प्रमाणपत्र के आधार के रूप में लगाए गए नजूल पट्टे की जांच कराई गई थी। संबंधित विभाग से सत्यापन में वर्ष 1988 में ऐसा कोई पट्टा जारी होने का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद जाति प्रमाणपत्र की वैधता पर सवाल खड़े हुए और जांच के बाद उसे निरस्त कर दिया गया।

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अब पुलिस फर्जी दस्तावेज तैयार कराने से लेकर उसके इस्तेमाल तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि दस्तावेज तैयार कराने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

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