नैनीताल। ज्योलीकोट प्रभावित क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। विभाग की नियमित निगरानी और जांच के बीच क्षेत्र में पीलिया एवं डायरिया के नए मामलों में कमी दर्ज की जा रही है। वहीं ब्लड सैंपलों की री-टेस्टिंग में भी स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं।
सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में 72 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके अलावा बेलवाखान में 30 लोगों की स्वास्थ्य जांच, 42 लोगों के ब्लड टेस्ट, 113 लोगों की काउंसलिंग और 16 लोगों को टेली-कंसल्टेंसी की सुविधा दी गई। स्वास्थ्य टीमों ने आवश्यकता के अनुसार दवाओं का वितरण भी किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने ग्राम ज्योली में जनसंपर्क कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित भोजन के संबंध में जागरूक किया। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी कोई भी लक्षण सामने आने पर समय से स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की।
सीएमओ ने ज्योलीकोट क्षेत्र के रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई रखने, व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और ग्राहकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट पहुंचकर स्वास्थ्य टीमों से क्षेत्र में चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने सक्रियता के साथ काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों का उत्साहवर्धन किया और प्रभावित क्षेत्रों में नियमित निगरानी, स्वास्थ्य जांच, जनजागरूकता तथा आवश्यक उपचार सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर मलुवाताल क्षेत्र में भी स्वास्थ्य टीम भेजी गई, जहां 77 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यकता के अनुसार दवाओं का वितरण किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में निगरानी और सैंपलिंग का कार्य लगातार जारी है। विभाग की ओर से ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें। भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
विभाग ने लोगों से यह भी अपील की है कि उल्टी-दस्त, पीलिया, बुखार या किसी अन्य असामान्य स्वास्थ्य लक्षण की स्थिति में लापरवाही न बरतें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर जांच एवं उपचार कराएं।

