Uttarakhand: कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों पर मुहर…युवाओं के लिए 200 करोड़ की स्किलिंग योजना समेत कई बड़े फैसले

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चंपावत। राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। एनएचपीसी परिसर में हुई बैठक में 24 प्रस्तावों पर चर्चा हुई और युवाओं, कुक्कुट पालकों, कर्मचारियों, उच्च शिक्षा, नजूल भूमि और विभागीय समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई।

बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित करने के साथ सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि मंत्रिमंडल की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। अलग-अलग जिलों में बैठकें आयोजित कर स्थानीय परिस्थितियों, क्षेत्रीय जरूरतों और विकास की संभावनाओं को शासन के स्तर पर सीधे समझने और उन पर निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा।

युवाओं के लिए 200 करोड़ की स्किलिंग योजना

कैबिनेट बैठक का सबसे अहम फैसला युवाओं की स्किलिंग से जुड़ा रहा। सरकार ने 200 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत उच्च शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों को डिग्री के साथ रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक और तकनीकी दक्षता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्किल आधारित कोर्स कराए जाएंगे।

इन पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत नई तकनीकों और रोजगार बाजार की जरूरतों से जुड़ी स्किल को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर में छह क्रेडिट के इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के लिए अधिक तैयार करना है। उच्च शिक्षा विभाग के स्तर पर स्किल डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाने से प्रदेश के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

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पहाड़ी कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी

कैबिनेट ने पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों को राहत देते हुए फीड पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। यह सहायता डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के वेलफेयर अकाउंट में पहुंचाई जाएगी।

सरकार के अनुसार योजना से करीब 2,000 कुक्कुट पालकों को लाभ मिलेगा और इसके लिए लगभग दो करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभागों में बढ़ेगा समन्वय

पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। तीनों विभागों के समन्वय के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य इन तीनों क्षेत्रों से जुड़े कामकाज में प्रशासनिक समन्वय और बेहतर तालमेल स्थापित करना है।

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टीडीसी को 66 करोड़ का स्पेशल पैकेज

कैबिनेट ने टीडीसी के लिए 66 करोड़ रुपये के स्पेशल पैकेज को भी मंजूरी दी है। इससे संस्था से जुड़े कार्यों और गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कर्मचारियों को हर साल देना होगा संपत्ति का विवरण

कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके तहत संबंधित श्रेणी के कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का विवरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत देना होगा। बैठक में विभागीय कर्मचारियों की संपत्ति के ब्योरे को लेकर भी निर्णय लिया गया।

पीआरडी अधिकारी अब समूह-ख का पद

प्रांतीय रक्षक दल यानी पीआरडी अधिकारी का पद अब समूह-ख में किए जाने को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे पद की श्रेणी और सेवा व्यवस्था में बदलाव का रास्ता साफ होगा।

निजी विश्वविद्यालय के लिए जमीन की शर्त बदली

कैबिनेट ने निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के नियमों में भी बदलाव को मंजूरी दी है। पहले इसके लिए 10 एकड़ भूमि की शर्त थी, जिसे बदलकर 20 हजार वर्गमीटर भूमि किया गया है। इसके साथ ही पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की व्यवस्था को भी समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

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डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी

कैबिनेट बैठक में डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला भी लिया गया है। इससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े डॉक्टरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए चलेगा अभियान

प्रदेश में नजूल भूमि के नियमितीकरण को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खटीमा, बनबसा और चंपावत के साथ प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौजूद नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। इससे लंबे समय से नजूल भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

वन विभाग के मामलों के लिए बनेगा पीएमयू

वन विभाग से जुड़े मामलों के तेजी से निस्तारण के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) बनाने को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। इसका उद्देश्य वन संबंधी मामलों में समन्वय और प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

नरेंद्रनगर में खुलेगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय

टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इससे क्षेत्र के लोगों को पंजीकरण संबंधी कार्यों के लिए सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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