Uttarakhand: अयोध्या चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद बीकेटीसी अलर्ट, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिरों में दान और चढ़ावे पर बढ़ी निगरानी

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देहरादून। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के बीच समिति ने बदरीनाथ, केदारनाथ और अपने अधीनस्थ सभी मंदिरों में चढ़ावे एवं दान सामग्री की निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला लिया है। बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि चढ़ावे की पारदर्शिता और लेखा-जोखा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देश पर मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने मंदिर समिति के सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें दान पेटियों, चढ़ावे की गिनती, लेखा-खजाना, पूजा काउंटर और विश्रामगृहों में तैनात कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

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सीईओ ने निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जा रहे नकद दान, आभूषण और अन्य भेंट सामग्री का पूरी पारदर्शिता के साथ रिकॉर्ड रखा जाए। प्रत्येक चरण की निगरानी सुनिश्चित की जाए और किसी भी तरह की अनियमितता या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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इन दिनों चारधाम यात्रा के चलते प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बदरीनाथ और केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिरों में चढ़ावे और दान की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए समिति ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद समिति ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ सहित सभी अधीनस्थ मंदिरों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चढ़ावे की निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही दान सामग्री के संग्रह, गिनती और लेखा प्रक्रिया को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।

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समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास सर्वोपरि है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़ी पूरी व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश न रहे।

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