ग्रेटर नोएडा। थाना सेक्टर-142 क्षेत्र की एक हाईराइज सोसाइटी में शुक्रवार रात 20 वर्षीय युवती की 10वीं मंजिल से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान मोनिका के रूप में हुई है। वह सेक्टर-137 स्थित गुलशन विवांता सोसाइटी में पिछले करीब तीन वर्षों से एक परिवार के यहां बच्चे की देखभाल करने वाली आया के रूप में काम कर रही थी। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे घटना की सूचना मिली थी। शुरुआती जानकारी में युवती के सोसाइटी की 10वीं मंजिल से गिरने की बात सामने आई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
फोन पर मिली मौत की सूचना, सोसाइटी में प्रवेश को लेकर परिजनों का आरोप
मृतका के परिजनों के मुताबिक, मोनिका सेक्टर-168 में रहती थी और करीब तीन साल से गुलशन विवांता में काम कर रही थी। शुक्रवार रात पुलिस की ओर से परिवार को फोन कर बताया गया कि मोनिका ने बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली है।
सूचना मिलते ही परिवार के लोग सोसाइटी पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उन्हें काफी देर तक अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। उनका कहना है कि बार-बार आग्रह करने के बावजूद उन्हें न तो मोनिका का शव दिखाया गया और न ही यह स्पष्ट बताया गया कि शव को कहां ले जाया जा रहा है।
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने बिना स्पष्ट जानकारी दिए एंबुलेंस बुलाकर शव को सोसाइटी से बाहर भेज दिया। परिजनों ने एंबुलेंस को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। बाद में देर रात उन्हें बताया गया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-94 स्थित शवगृह भेजा गया है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों की शिकायत में मोनिका की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता जगत सिंह के मुताबिक, मोनिका ने परिवार को बताया था कि जिस फ्लैट में वह काम करती थी, वहां के मालिक ने कथित रूप से उसके साथ तीन-चार बार छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया था।
परिजनों का दावा है कि मोनिका ने इसकी जानकारी फ्लैट की मालकिन को भी दी थी। आरोप है कि घटना से परेशान होकर मोनिका एक बार काम छोड़कर घर लौट आई थी। हालांकि, बाद में मालकिन के समझाने पर वह दोबारा काम पर चली गई।
परिजनों के अनुसार, 20 अगस्त को मोनिका को एक फोन कॉल आया था, जिसके बाद वह अचानक परेशान और विचलित दिखाई दी। इसके बावजूद वह उसी दिन दोपहर करीब डेढ़ बजे दोबारा काम पर चली गई थी। इसके बाद शुक्रवार रात उसकी मौत की सूचना परिवार को मिली।
फटे कपड़े देखकर परिजनों ने जताई शारीरिक शोषण की आशंका
परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी दावा किया है कि शव की तस्वीरों में मोनिका के कपड़े फटे हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर परिवार ने उसके साथ शारीरिक शोषण की आशंका जताई है।
परिजनों का कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए केवल आत्महत्या मानकर जांच करना उचित नहीं होगा। उन्होंने पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फ्लैट सील कर फोरेंसिक जांच की मांग
मृतका के परिजनों ने थाना प्रभारी को दी शिकायत में मामले में कई मांगें रखी हैं। उन्होंने कथित आरोपी दंपती को तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ करने, संबंधित फ्लैट को सील करने और फोरेंसिक टीम से मौके की जांच कराने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं और इसलिए फ्लैट को सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके। इसके साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की है।
पुलिस बोली—पोस्टमार्टम कराया गया, विधिक कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस की ओर से हत्या के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि मृतका के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि युवती की मौत दुर्घटना, आत्महत्या या किसी अन्य परिस्थिति में हुई। पुलिस घटनास्थल और संबंधित लोगों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
