उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, 34 संस्थानों में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम की 1790 सीटों को मंजूरी

खबर शेयर करें

देहरादून: राज्य सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बीएससी नर्सिंग और जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) पाठ्यक्रमों की कुल 1790 नई सीटों को स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले से नर्सिंग शिक्षा को नया विस्तार मिलेगा और भविष्य में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।

सरकार की ओर से 34 शैक्षणिक संस्थानों को उनकी मांग के अनुरूप इन सीटों की अनुमति दी गई है। इन संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इससे पहले गत नवंबर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम पाठ्यक्रमों की सीटों का आवंटन किया गया था।

यह भी पढ़ें 👉  Nainital: उत्तराखंड बोर्ड की सुधार परीक्षा जुलाई में, 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने कराया पंजीकरण

बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम की अवधि चार वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें विद्यार्थियों को नर्सिंग, स्वास्थ्य विज्ञान, रोगी देखभाल, सामुदायिक स्वास्थ्य और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का सैद्धांतिक व व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं जीएनएम पाठ्यक्रम तीन वर्ष का होगा, जिसमें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर विशेष जोर रहेगा।

यह भी पढ़ें 👉  Nainital: शहर कोतवाल ने खुद को कमरे में किया बंद, दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस

प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सिंग स्टाफ की मांग लगातार बढ़ रही है। नई सीटों की स्वीकृति से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

यह भी पढ़ें 👉  बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर मद्रास हाई कोर्ट सख्त, सोशल मीडिया बैन पर विचार का सुझाव

पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्र-छात्राएं सरकारी अस्पतालों, निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेजों समेत विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं दे सकेंगे। बीएससी नर्सिंग उत्तीर्ण विद्यार्थियों को आगे उच्च शिक्षा और शिक्षण के क्षेत्र में भी अवसर उपलब्ध होंगे। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. ए. राजेश कुमार ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page