वडीनार पोर्ट पर पहुंचा 46,500 टन LPG: ‘MT Nanda Devi’ की सुरक्षित एंट्री, समुद्र में होगा ट्रांसफर ऑपरेशन

खबर शेयर करें

नई दिल्ली। गुजरात के जामनगर स्थित वडीनार पोर्ट (कांडला क्षेत्र) पर मंगलवार सुबह एक बड़ा एलपीजी कार्गो लेकर जहाज MT Nanda Devi पहुंचा। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह के अनुसार, जहाज सुबह करीब 2:30 बजे पोर्ट के एंकरिज क्षेत्र में सुरक्षित पहुंच गया।

उन्होंने बताया कि ‘नंदा देवी’ जहाज 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है। इस कार्गो को गहरे समुद्र में शिप-टू-शिप (STS) प्रक्रिया के जरिए दूसरे जहाज MT BW Birch में ट्रांसफर किया जाएगा। यह प्रक्रिया मंगलवार से ही शुरू कर दी गई है।

यह भी पढ़ें 👉  खेल रत्न के लिए हार्दिक सिंह का नाम तय, दिव्या देशमुख व तेजस्विन शंकर समेत 24 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार

चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने जहाज के कैप्टन और क्रू से मुलाकात कर इस महत्वपूर्ण कार्गो को सुरक्षित भारत तक पहुंचाने के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।

हॉर्मुज पार कर पहुंचा दूसरा भारतीय जहाज

MT Nanda Devi हाल के दिनों में दूसरा भारतीय एलपीजी जहाज है, जिसने संवेदनशील स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को सुरक्षित पार कर भारतीय तट तक पहुंच बनाई है। इससे मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती मिली है।

यह भी पढ़ें 👉  कुलगाम मुठभेड़ का नौवां दिन: दो जवान शहीद, तीन आतंकी ढेर, तलाशी अभियान जारी

एक दिन पहले ‘शिवालिक’ भी पहुंचा

इससे एक दिन पहले एलपीजी कैरियर शिवालिक करीब 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्गो का एक हिस्सा मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि शेष एलपीजी को मैंगलोर भेजा जाएगा।

सुरक्षा पर खास निगरानी

अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए क्षेत्र में भारतीय जहाजों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जहाजों और उनके क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी और नैनीताल में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई क्लीनिकों के दस्तावेजों में मिली खामियां, नोटिस जारी

ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार एलपीजी कार्गो की सुरक्षित आपूर्ति भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर समुद्री मार्गों पर तनाव बना हुआ है, इन जहाजों का सुरक्षित पहुंचना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page