‘न चेकिंग, न एक्शन’!…बिना बिल माल की धड़ल्ले से एंट्री, सिस्टम की चुप्पी पर सवाल, सरकार को लग रहा चूना

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हल्द्वानी/रुद्रपुर: कुमाऊं मंडल में टैक्स चोरी का ऐसा संगठित खेल चल रहा है, जिसने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर, काशीपुर और किच्छा से संचालित कथित ट्रांसपोर्ट नेटवर्क खुलेआम बिना बिल और बिना टैक्स का माल हल्द्वानी समेत पूरे क्षेत्र में खपा रहे हैं और जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।

सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि “संरक्षण” का खेल है। आरोप है कि लंबे समय से कुर्सी पर जमे कुछ अधिकारी इन ट्रांसपोर्ट एजेंटों के आगे नतमस्तक हैं, जिसके चलते कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।

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दिल्ली, गाजियाबाद, बरेली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों से बंद बॉडी ट्रकों में भरकर परचून, कॉस्मेटिक, कपड़ा, जूते और गुटखा जैसे सामान बिना किसी वैध दस्तावेज के उत्तराखंड में एंट्री कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बॉर्डर चेकिंग पूरी तरह सवालों के घेरे में है न कोई सख्ती, न कोई रोक-टोक।

खानापूर्ति की कार्रवाई, असली खेल बेखौफ जारी
बताया जा रहा है कि कभी-कभार दिखावे के लिए उन ट्रकों की जांच कर ली जाती है, जिनमें पूरा टैक्स और बिल चुकाकर माल लाया जाता है। इससे साफ है कि ईमानदार व्यापारियों को ही सिस्टम का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जबकि टैक्स चोर माफिया हर दिन लाखों रुपये का राजस्व डकार रहे हैं।

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ईमानदार कारोबारी परेशान, सरकार को करोड़ों का नुकसान
इस पूरे खेल से जहां सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, वहीं नियमों का पालन करने वाले व्यापारी और ट्रांसपोर्टर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब सब कुछ खुलेआम हो रहा है, तो कार्रवाई क्यों नहीं?

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क्या होगी बड़ी जांच या फिर यूं ही चलता रहेगा खेल?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या शासन इस मामले का संज्ञान लेकर बड़े स्तर पर जांच कराएगा या फिर यह टैक्स चोरी का खेल यूं ही जारी रहेगा? अगर आरोपों में सच्चाई है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि सिस्टम की मिलीभगत का बड़ा उदाहरण हो सकता है।

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