नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई ईवी पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह नीति राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण और परिवहन संबंधी चुनौतियों से निपटने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 अगस्त 2031 तक प्रभावी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ईवी पॉलिसी से आम लोगों को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया, ट्रक और ग्रामीण परिवहन वाहनों के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स द्वारा तैयार मसौदे को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। परिवहन विभाग की सचिव निहारिका ने कहा कि पॉलिसी को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न हितधारकों के साथ कई दौर की बैठकें की गईं। अब इसे उपराज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर 30 हजार से 50 हजार रुपये, इलेक्ट्रिक ट्रक पर 1 लाख रुपये तथा ग्रामीण सेवा वाहनों के लिए 20 हजार रुपये का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों के पंजीकरण पर चरणबद्ध रोक लगाने का फैसला भी लिया है।
इसके अनुसार 1 जनवरी 2027 से नए तीनपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक रूप में होगा, जबकि अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहनों का पंजीकरण भी केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में किया जाएगा। सरकार सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन विकसित करेगी। साथ ही डिस्कॉम के सहयोग से घरों में ईवी चार्जिंग के लिए अलग बिजली मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। नीति के तहत खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहन तीन वर्ष तक दिल्ली के बाहर नहीं बेचे जा सकेंगे।
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह नीति राजधानी में प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों से अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की अपील की।
खरीद पर मिलेगी आकर्षक सब्सिडी
नई ईवी पॉलिसी के तहत पहले वर्ष में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर अधिकतम 30 हजार रुपये, इलेक्ट्रिक ऑटो पर 50 हजार रुपये तथा एन-1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक पर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। निजी इलेक्ट्रिक कारों पर खरीद सब्सिडी नहीं मिलेगी, लेकिन यदि कोई व्यक्ति अपना बीएस-4 या उससे पुराने वाहन को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक कार खरीदता है तो उसे 1 लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा।
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी बड़ी छूट
नई नीति के तहत सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, व्यावसायिक वाहन और 30 लाख रुपये तक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ रहेगा। वहीं स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट मिलेगी। हालांकि 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

