Nainital: अवैध जमीन सौदे पर सख्ती…1.170 हेक्टेयर भूमि सरकार में निहित, 33 साल पुराना मामला उजागर

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नैनीताल। जिले के रामनगर क्षेत्र में जमीन के एक पुराने मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.170 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई जाति छुपाकर बिना अनुमति भूमि विक्रय करने के गंभीर मामले में की गई है।

मामला रामनगर के ढेला बंदोबस्ती गांव का है, जहां वर्ष 1993 में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा सामान्य वर्ग के व्यक्ति को भूमि बेचे जाने का मामला सामने आया था। जांच के दौरान पाया गया कि विक्रय विलेख (बैनामा) और मुख्तारनामे में विक्रेताओं की जाति का कोई उल्लेख नहीं किया गया था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

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“सरकार बनाम सीताराम आदि” शीर्षक से चले इस मामले की विस्तृत जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। वर्ष 2013 में विक्रेताओं में से एक भाई का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी हुआ, जबकि परिवार रजिस्टर में भी पूरे परिवार को अनुसूचित जाति श्रेणी में दर्ज पाया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि विक्रय के समय जाति को जानबूझकर छुपाया गया था।

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कलेक्टर नैनीताल ललित मोहन रयाल की अदालत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों के अनुसार व्यक्ति की जाति जन्म से निर्धारित होती है और यह पिता की जाति के आधार पर तय होती है। ऐसे में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति अनुसूचित जाति की भूमि का विक्रय अवैध है।

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अदालत ने इस कृत्य को उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम (UPZALR Act) की धारा 157 का उल्लंघन मानते हुए संबंधित भूमि को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है।

साथ ही उपजिलाधिकारी रामनगर को निर्देश दिए गए हैं कि इस आदेश को तत्काल राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाए और जमीन का कब्जा राज्य सरकार के पक्ष में सुनिश्चित किया जाए।

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