हल्द्वानी। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव को देखते हुए हल्द्वानी प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। उपजिलाधिकारी कार्यालय की ओर से रक्सिया नाला, कलसिया नाला, देवखड़ी नाला और गौला नदी के किनारे स्थित जोखिम वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर करीब 150 भवनों और स्ट्रक्चर को चिन्हित करते हुए उनके स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होना होगा।
गुरुवार को उपजिलाधिकारी हल्द्वानी, तहसीलदार हल्द्वानी तथा राजस्व उप निरीक्षक काठगोदाम ने संयुक्त रूप से संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन स्थानों की पहचान की गई, जहां भारी बारिश के दौरान नालों और गोला नदी का जलस्तर बढ़ने से जान-माल का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को जारी नोटिस में स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान किसी भी समय नालों और नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे गंभीर दुर्घटना या जन-धन की हानि की आशंका बनी रहती है। इसलिए सभी लोग प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और आवश्यकता पड़ने पर बिना देरी किए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
नदी-नालों से दूर रहने की अपील
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को नदी और नालों के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी। साथ ही अभिभावकों से बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की गई, ताकि बारिश के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। लोगों से यह भी कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन, तहसील कार्यालय अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार रहेगी नजर
उपजिलाधिकारी कार्यालय के अनुसार मानसून के पूरे सीजन में संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने तथा राहत एवं बचाव से जुड़ी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

