Uttarakhand: डॉक्टर के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर लिया ₹15.82 लाख का लोन, पिता से ₹40 लाख ठगने का भी आरोप

खबर शेयर करें

देहरादून। राजधानी देहरादून में डिजिटल सिग्नेचर के कथित दुरुपयोग और करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सेवक आश्रम रोड निवासी महिला चिकित्सक डॉ. मानसी वैश्य के डिजिटल हस्ताक्षर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर उनके नाम पर 15.82 लाख रुपये का बिजनेस लोन लेने का आरोप एक फार्मा कंपनी के डायरेक्टर दंपती पर लगा है। इतना ही नहीं, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इसी दंपती ने उनके पिता से कंपनी में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपये भी ले लिए, जो आज तक वापस नहीं किए गए।

मामले की शिकायत पर डालनवाला थाना पुलिस ने आरोपी हिमांशु शेखर और उसकी पत्नी श्रुति तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल समेत चार जिलों में फिर यलो अलर्ट, पांच दिन तक बारिश के आसार

तलाक के दौरान हुई थी पहचान, फिर बढ़ा भरोसा

डालनवाला थाना प्रभारी नरेंद्र गहलावत ने बताया कि वर्ष 2019 से 2021 के बीच डॉ. मानसी वैश्य के तलाक का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। इसी दौरान उनकी पहचान कुठाल गेट निवासी हिमांशु शेखर और उसकी पत्नी श्रुति तिवारी से हुई। दोनों ने धीरे-धीरे विश्वास कायम किया और अपनी फार्मा कंपनी एस्टिव फार्मा में उन्हें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर बनाने का प्रस्ताव दिया। शिकायत के अनुसार, इसी प्रक्रिया के दौरान आरोपी दंपती ने विशेष प्रयोजन बताकर डॉ. मानसी के डिजिटल सिग्नेचर तैयार करा लिए।

बिना सहमति बना दिया कंपनी का डायरेक्टर

डॉ. मानसी का आरोप है कि अक्टूबर 2023 में उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध कंपनी का निदेशक बना दिया गया। जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया और अपने डिजिटल हस्ताक्षर वापस करने की मांग की। इसके बाद करीब नौ महीने बाद जून 2024 में उनका नाम कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  राशिफल 04 जनवरी 2026

दो साल बाद खुला करोड़ों के खेल का राज

पीड़िता के अनुसार, अप्रैल 2026 में उन्हें एक पत्र प्राप्त हुआ, जिससे पता चला कि आरोपी हिमांशु शेखर ने 27 जनवरी 2024 को उनके नाम पर आईआईएफएल से 15.82 लाख रुपये का बिजनेस लोन लिया था।

डॉ. मानसी का कहना है कि इस पूरे लोन की प्रक्रिया की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। न तो किसी बैंक या वित्तीय संस्था के अधिकारी ने उनसे संपर्क किया और न ही उनके मोबाइल पर कोई ओटीपी या अन्य सत्यापन प्रक्रिया पूरी की गई।

पिता से निवेश के नाम पर ₹40 लाख लेने का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी दंपती ने 17 मार्च 2023 को डॉ. मानसी के पिता डॉ. विपिन वैश्य से फार्मा कंपनी में निवेश का झांसा देकर 40 लाख रुपये लिए थे। पीड़ित परिवार का कहना है कि बार-बार मांगने के बावजूद यह रकम आज तक वापस नहीं की गई।

यह भी पढ़ें 👉  एनडीए सरकार के 11 साल पूरे, पीएम मोदी बोले— हर कदम सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू

एसएचओ नरेंद्र गहलावत ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी दंपती के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। जांच के दौरान कंपनी के दस्तावेज, डिजिटल सिग्नेचर के उपयोग, लोन स्वीकृति प्रक्रिया और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page