मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेलबर्न में भारतीय समुदाय ने ऐतिहासिक स्वागत किया। ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम के तहत आयोजित विशाल जनसभा में 30 हजार से अधिक प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया। मार्वल स्टेडियम पूरी तरह खचाखच भरा रहा और इसे ऑस्ट्रेलिया में किसी भी विश्व नेता के लिए आयोजित सबसे बड़े सामुदायिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है। पूरे स्टेडियम में ‘मोदी-मोदी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से माहौल गूंज उठा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत भारतीय भाषाओं में अभिवादन करते हुए की। उन्होंने गुजराती में “केम छो”, तमिल में “वणक्कम” कहकर मौजूद लोगों का अभिवादन किया और कहा कि मेलबर्न में मिला यह स्नेह और उत्साह हमेशा उनकी स्मृतियों में रहेगा।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने जिस आत्मीयता के साथ उनका स्वागत किया, उसके लिए वह उनके आभारी हैं। उन्होंने कहा कि यह स्वागत केवल उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है और दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक भी है।
‘मेलबर्न का मौसम ठंडा, लेकिन आपका प्यार बेहद गर्म’
कार्यक्रम से पहले मेलबर्न पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय समुदाय ने जोरदार स्वागत किया। ठंडे मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्ट और कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इस पर प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि “मेलबर्न का मौसम भले ही ठंडा हो, लेकिन भारतीय समुदाय से मिला गर्मजोशी भरा स्वागत वास्तव में अविस्मरणीय है।”
उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में बसे भारतीय अपने संस्कारों और भारत से जुड़े रिश्तों को हमेशा जीवित रखते हैं और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
‘भारत से हजारों किलोमीटर दूर, लेकिन दिल आज भी वहीं धड़कता है’
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त करते हुए कहा कि यहां रहने वाले अनेक परिवार दो टाइम जोन में जीते हैं। बच्चे ऑस्ट्रेलिया के समय के अनुसार स्कूल जाते हैं, लेकिन भारत में दादा-दादी और नाना-नानी वीडियो कॉल पर उनका इंतजार करते हैं। यहां सप्ताहांत होता है तो भारत में किसी शादी की लाइव स्ट्रीमिंग चल रही होती है। हजारों किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद भारतीयों का दिल आज भी भारत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्य और परंपराएं दुनिया के किसी भी देश में भारतीय समुदाय की पहचान बनी हुई हैं।
भजन क्लबिंग से लेकर भरतनाट्यम तक का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहे ‘भजन क्लबिंग’ ट्रेंड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी आस्था और आधुनिकता का सुंदर समन्वय कर रही है।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भी सप्ताहांत भारतीय संस्कृति से सराबोर रहता है। कहीं सत्यनारायण कथा होती है, कहीं गुरुद्वारों में अरदास होती है, कहीं बच्चे भांगड़ा करते हैं तो कहीं भरतनाट्यम प्रस्तुत करते हैं। इसके साथ ही क्रिकेट टूर्नामेंट और सामुदायिक कार्यक्रम भारतीय पहचान को जीवंत बनाए रखते हैं।
सिडनी से मेलबर्न तक दोस्ती का नया अध्याय
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2023 में सिडनी में आयोजित अपने कार्यक्रम को याद करते हुए कहा कि उस समय भी प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज उनके साथ थे और आज मेलबर्न में भी दोनों साथ खड़े हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अहमदाबाद का दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम और मेलबर्न का प्रतिष्ठित स्टेडियम दोनों देशों की मित्रता के नए प्रतीक बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं और दोनों लोकतांत्रिक देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम बोले- प्रधानमंत्री मोदी हमारे सच्चे मित्र
कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें ऑस्ट्रेलिया का सच्चा मित्र बताया। उन्होंने कहा कि उनका भारत से जुड़ाव बहुत पुराना है और 1991 में वह पहली बार एक बैकपैकर के रूप में भारत आए थे। छह सप्ताह तक उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा की और भारतीय संस्कृति, भोजन तथा लोगों के अपनत्व को करीब से महसूस किया।
अल्बानीज ने कहा कि यदि कोई भारत को सही मायने में समझना चाहता है तो उसे भारतीय रेल में यात्रा जरूर करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय हर संकट में सबसे पहले मदद के लिए आगे आता है और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। भारतीय मूल के लोग स्वास्थ्य सेवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, व्यापार और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भी की भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की सराहना
कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भी भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हमेशा करी और क्रिकेट को लेकर हल्के-फुल्के मजाक होते रहे हैं, लेकिन रणनीतिक साझेदारी, क्वाड और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर दोनों देश पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने सिविल न्यूक्लियर पार्टनरशिप और यूरेनियम आपूर्ति समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।
सांस्कृतिक रंगों से सजा मार्वल स्टेडियम
‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया। भारतीय शास्त्रीय नृत्य, लोक कलाओं, संगीत और देशभक्ति गीतों ने पूरे स्टेडियम को भारतीय संस्कृति के रंग में रंग दिया। हजारों लोग प्रधानमंत्री मोदी के मंच पर आने का बेसब्री से इंतजार करते रहे और उनके संबोधन के दौरान पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंजता रहा।

