देहरादून/इंफाल। मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों द्वारा असम राइफल्स के काफिले पर किए गए घातक हमले में उत्तराखंड के दो वीर जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। शहीदों में अल्मोड़ा निवासी वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और पौड़ी गढ़वाल निवासी हवलदार चंद्र मोहन सिंह शामिल हैं। इस हमले में असम राइफल्स के अन्य जवान भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे उखरुल जिले के नुंगशांग खोंग क्षेत्र में संदिग्ध उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर अचानक घात लगाकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। अचानक हुए इस हमले के बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में व्यापक अभियान चला रही हैं।
हमले के बाद मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। राज्य के गृह मंत्री गोविंददास ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हमला प्रदेश में शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की साजिश है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और राज्य में शांति बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
इधर, कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग कुकी गांव में रविवार शाम हथियारबंद लोगों के हमले के बाद क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
असम राइफल्स ने भी आधिकारिक बयान जारी कर दोनों शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। बल के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा सहित सभी अधिकारियों और जवानों ने कहा कि वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह ने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देकर देश का गौरव बढ़ाया है।
बयान में कहा गया कि असम राइफल्स अपने दोनों वीर साथियों के अदम्य साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा को हमेशा याद रखेगी। बल ने शहीदों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में पूरा असम राइफल्स परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
उत्तराखंड के दो वीर सपूतों के बलिदान की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। अल्मोड़ा और पौड़ी गढ़वाल में शहीद जवानों के परिवारों के प्रति लोगों ने संवेदना व्यक्त करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया है।

