Nainital: नकल माफिया गिरोह के सरगना हाकम को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दी जमानत

खबर शेयर करें

नैनीताल। उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में नकल कराने के आरोपों को लेकर चर्चित नकल माफिया गिरोह के सरगना हाकम सिंह रावत को उत्तराखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने हाकम सिंह को जमानत दे दी है। इससे पहले इसी मामले में उसके सहयोगी पंकज गौड़ को 14 जनवरी को न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ द्वारा जमानत मिल चुकी है। लगातार दो आरोपियों को जमानत मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

High Court Grants Bail to Alleged Copying Mafia Kingpin Hakam Singh Rawat: बुधवार को हाईकोर्ट के अवकाशकालीन न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ के समक्ष हाकम सिंह रावत की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने दलील दी कि हाकम सिंह के खिलाफ नकल कराने से जुड़े ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं।

यह भी पढ़ें 👉  RBI का ‘स्टेबल स्ट्राइक’: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, महंगाई काबू में, वैश्विक उथल-पुथल के बीच भरोसे का संकेत

उन्होंने कहा कि पुलिस ने उसे केवल पूर्व मामलों और रिकॉर्ड के आधार पर गिरफ्तार किया है। साथ ही, इस प्रकरण के सह-आरोपी पंकज गौड़ को पहले ही जमानत मिल चुकी है, ऐसे में समानता के आधार पर हाकम सिंह को भी राहत मिलनी चाहिए। अदालत ने इन तथ्यों पर विचार करते हुए जमानत मंजूर कर ली।

यह भी पढ़ें 👉  महाकुंभ वाले IIT बाबा अभय सिंह ने की शादी, पत्नी संग पहुंचे झज्जर

गौरतलब है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित पटवारी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से ठीक एक दिन पहले, 20 सितंबर 2025 को देहरादून पुलिस और एसटीएफ उत्तराखंड ने संयुक्त कार्रवाई कर हाकम सिंह रावत और उसके सहयोगी पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि दोनों अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर 12 से 15 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूलने की कोशिश कर रहे थे।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: एसएसपी के दावों की निकली हवा!...ट्रांसपोर्ट नगर में पुलिस की मिलीभगत से चल रहा नशे का धंधा

इस मामले में देहरादून के पटेल नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों आरोपियों पर उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 की धारा 12(3) के तहत कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तारी के बाद से दोनों आरोपी 21 सितंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में थे और करीब पांच माह से जेल में बंद थे।

हाकम सिंह रावत पर भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों का संगठित नेटवर्क चलाने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page