Haldwani: यूजीसी गाइडलाइन का विरोध, 21 को रामलीला मैदान से आक्रोश महारैली निकालने का ऐलान

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हल्द्वानी: सवर्ण शक्ति संगठन (उत्तराखंड) की ओर से यूजीसी की नई गाइडलाइन को लेकर तीखा विरोध जताया गया। संगठन के संयोजक प्रकाश हर्बोला ने पत्रकार वार्ता कर इसे “काला कानून” बताते हुए प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया। पत्रकार वार्ता में सहसंयोजक भुवन भट्ट, सदस्य जगत सिंह बिष्ट, मनोज अग्रवाल, तरुण वानखेड़े सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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उन्होंने कहा कि इससे निर्दोष व्यक्ति का करियर बर्बाद हो सकता है और उसकी जिम्मेदारी तय नहीं होती। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि क्या भविष्य में भी यही नीति जारी रहेगी।

हर्बोला ने यह भी आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के रोहित वेमुला मामले के संदर्भ में दी गई दिशा-निर्देशों से आगे बढ़कर ओबीसी वर्ग को भी शामिल किया गया, जबकि अदालत ने ऐसा स्पष्ट रूप से नहीं कहा था।

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“शिक्षा संस्थान डर के नहीं, संवाद के केंद्र हों”
सहसंयोजक भुवन भट्ट ने कहा कि संगठन किसी वर्ग के खिलाफ नहीं है, लेकिन शिकायत तंत्र में निष्पक्षता जरूरी है। उन्होंने मांग की कि सभी छात्रों के लिए समान और संतुलित शिकायत प्रणाली बने, जिसमें अपील का स्पष्ट प्रावधान हो।

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