हल्द्वानी: जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में नैनीताल पुलिस ने कालाढूंगी फायरिंग कांड का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल, एक तमंचा और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
14 फरवरी 2026 की रात चौकी बेलपड़ाव को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि हल्द्वानी रोड स्थित बैलपोखरा गांव के तिराहे के पास कुछ लोगों के बीच मारपीट और फायरिंग हुई है। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल पर कोई व्यक्ति नहीं मिला। पुलिस ने क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण कर वीडियोग्राफी कराई और मौके से कई खोखे बरामद किए।
16 फरवरी को वादिनी बलजीत कौर निवासी बच्चीनगर, कालाढूंगी की तहरीर पर रंजीत सिंह, मनदीप सिंह उर्फ मंगा, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी तथा एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कोतवाली कालाढूंगी में एफआईआर संख्या 17/2026 धारा 109(1)/126(1)/352/351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना वरिष्ठ उपनिरीक्षक पंकज जोशी को सौंपी गई।
एसएसपी के निर्देश पर मनोज कुमार कत्याल (एसपी हल्द्वानी) और सुमित पाण्डे (क्षेत्राधिकारी रामनगर) के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सैनी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। 20 फरवरी को गडप्पू बैरियर के पास से तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों को मौके पर बुलाया गया था, जहां विवाद के दौरान गाली-गलौज और मारपीट के बाद फायरिंग की गई। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत अलग से मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
बरामदगी में गुरप्रीत सिंह से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस, रंजीत सिंह से एक देशी पिस्टल और दो कारतूस तथा मनदीप सिंह से .22 बोर तमंचा और एक कारतूस मिला है। घटनास्थल से 32 बोर के 11 खोखे और .22 बोर के दो खोखे भी बरामद हुए।
सफल कार्रवाई पर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने पुलिस टीम को 1,500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध हथियार रखने और शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
