बोर्ड बैठक में 17 प्रस्तावों पर लगी मुहर, सड़क की बदहाली पर सदन में धरने पर बैठीं पार्षद, दुकानों के आवंटन और कम्युनिटी हॉल के संचालन पर भी गरमाया माहौल
हल्द्वानी। नगर निगम के 1240 दुकान किराएदारों को बड़ी राहत मिली है। किराये में छूट का लाभ लेने के लिए अब उन्हें 31 दिसंबर तक का समय मिल गया है। सोमवार को मेयर गजराज सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में समय सीमा बढ़ाने पर सहमति बनी। हालांकि, सदन ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भविष्य में किराया छूट की समय सीमा 31 अक्तूबर के बाद नहीं बढ़ाई जाएगी। बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था और निगम की आय बढ़ाने से जुड़े 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वहीं, कई मुद्दों पर पार्षदों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
नगर निगम सभागार में सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में सबसे पहले नामित पार्षद दिनेश बिष्ट और संजय भोजक को शपथ दिलाई गई। इसके बाद एजेंडे पर चर्चा शुरू हुई। नगर निगम इंटर कॉलेज काठगोदाम में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास बनाने, कॉलेज शिक्षकों के वेतन में वृद्धि और नई स्वच्छता समिति के गठन सहित कई प्रस्तावों को सदन की मंजूरी मिली।
सड़कें नहीं बनीं तो सदन में धरने पर बैठीं पार्षद
बोर्ड बैठक में वार्डों की बदहाल सड़कों का मुद्दा गरमा गया। वार्ड 56 की पार्षद भागीरथी देवी ने बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सदन में ही जमीन पर बैठकर धरना दे दिया। पार्षद का कहना था कि सड़कों की खराब हालत से क्षेत्र के लोगों को रोजाना परेशानी हो रही है, लेकिन शिकायतों और आश्वासनों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
कम्युनिटी हॉल निगम के अधीन लेने पर पार्षदों का विरोध
शीशमहल और राजपुरा के कम्युनिटी हॉल को नगर निगम के नियंत्रण में लेने का प्रस्ताव भी बैठक में चर्चा का केंद्र रहा। दोनों क्षेत्रों के पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इन भवनों का संचालन दशकों से निजी संस्था कर रही है। पार्षद राजेंद्र अग्रवाल ने भी प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी संपत्ति को निगम के नियंत्रण में लेने से पहले उसके रखरखाव और संचालन पर आने वाले खर्च का आकलन जरूरी है। इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। विरोध के बाद प्रस्ताव को अगली बोर्ड बैठक में रखने पर सहमति बनी।
इस मामले में मेयर ने नगर निगम के 40 पार्कों और 23 सामुदायिक भवनों की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनजीओ या फर्मों को संचालन के लिए दिए गए पार्कों और कम्युनिटी हॉल की व्यवस्था का निरीक्षण कराया जाएगा। संबंधित संस्थाओं से बातचीत के साथ ही संचालन की एसओपी का भी अध्ययन किया जाएगा।
जेल रोड की दुकानों के आवंटन पर उठे सवाल
हीरानगर के पार्षद शैलेंद्र दानू ने जेल रोड चौराहे के पास नगर निगम की प्रथम तल की दुकानों के आवंटन में अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया गया और दुकानों का निर्माण होने से पहले ही जगह आवंटित कर दी गई। अन्य पार्षदों ने भी इस मुद्दे पर उनका समर्थन किया। इसके बाद हस्ताक्षरयुक्त शिकायत मेयर को सौंपी गई। पार्षद ने बताया कि आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर यह शिकायत की गई है।
ट्रेड लाइसेंस की फीस पर भी घिरे अधिकारी
कबाड़ी और बढ़ई के ट्रेड लाइसेंस की फीस पांच-पांच हजार रुपये तथा मशीनरी व्यवसाय का शुल्क आठ हजार रुपये निर्धारित करने के प्रस्ताव पर पार्षदों ने आपत्ति जताई। सदन में इन दरों को अधिक बताते हुए संशोधन करने का निर्णय लिया गया।
अतिक्रमण से लेकर सीवर लाइन तक उठे सवाल
बैठक में पार्षदों ने वार्डों की समस्याओं को लेकर भी आवाज उठाई। पॉलीशीट की पार्षद नेहा अधिकारी ने हाइडिल गेट के पास फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की मांग की। रवि वाल्मीकि ने कुल्यालपुरा और अमरावती कॉलोनी के छूटे हिस्सों में सीवर लाइन बिछाने का मुद्दा उठाया। तल्ली हल्द्वानी के पार्षद मनोज जोशी ने लंबे समय से एक ही पटल पर तैनात नगर निगम कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग की।
बनभूलपुरा के पार्षद मोहम्मद गुफरान ने आबादी क्षेत्र से कबाड़ कारोबार शिफ्ट करने के निर्देशों पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की। वहीं, बाजार क्षेत्र के पार्षद प्रेम बेलवाल ने डीके पार्क का नाम पूर्व चेयरमैन दयाकिशन के नाम पर रखने की मांग उठाई।
अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर मेयर नाराज
बैठक में राजस्व, पुलिस और जल संस्थान के अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर भी नाराजगी जताई गई। मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने नगर आयुक्त परितोष वर्मा को संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विभागों के अधिकारियों का बोर्ड बैठक में मौजूद रहना जरूरी है, ताकि पार्षदों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।
ये प्रस्ताव हुए मंजूर
- बनभूलपुरा स्थित पुराना मीट मार्केट की गली नंबर 12 का पुनर्निर्माण।
- एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के अनुमोदन पर विचार।
- फ्रेश वेस्ट कूड़ा प्लांट की पूर्व स्वीकृत डीपीआर के कार्य वर्तमान दरों पर कराना।
- शनि बाजार रोड चौड़ीकरण में ध्वस्त हुई दुकानों का पुनर्निर्माण।
- गौला रोखड़ में झील विकास प्राधिकरण की जमीन पर प्लास्टिक प्रोसेसिंग प्लांट लगाना।
- तीन महीने का विशेष सफाई अभियान और मानसून के लिए विशेष सफाई टीम की नियुक्ति।
- स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के लिए 500 पोल और तार लगाना।
बैठक में नगर आयुक्त परितोष वर्मा, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीएस टोलिया, एई नवल नौटियाल, सहायक लेखाधिकारी गणेश भट्ट, कार्यालय अधीक्षक गिरीश भट्ट सहित 58 पार्षद मौजूद रहे।

